बता दें कि ये पहला मौका नहीं है जब EOW ने नगर निगम के अधिकारी को रिश्वत लेते पकड़ा हो। पिछले साल नगर निगम के सिटी प्लानर प्रदीप वर्मा को 5 लाख की रिश्वत लेते हुए EOW सुर्खियों में आई थी। जो EOW का पहला और सबसे बड़ा ट्रैप था। आज ग्वालियर नगर निगम के एक अधिकारी और उसके सहायक को लोकायुक्त ने 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंग हाथों गिरफ्तार कर लिया।
ग्वालियर/मध्यप्रदेश।
ग्वालियर नगर निगम लंबे समय से भ्रष्टाचार और रिश्वखोरी का बड़ा अड्डा बना हुआ है यहां जो भी अधिकारी एक बार आया फिर यहां से जाने का नाम नही लेता यही बजह है कि अफसरों की इन हरकतों के कारण ग्वालियर नगर निगम पूरे प्रदेश में बुरी तरह बदनाम हो चुकी है। आज ग्वालियर नगर निगम (Gwalior Municipal Corporation) के एक अधिकारी और उसके सहायक को EOW ने 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंग हाथों गिरफ्तार कर लिया।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,एसपी EOW अमित सिंह ने बताया कि प्लॉट कारोबारी अनूप कुशवाह ने शिकायत की थी कि उसके द्वारा काटे गए कुछ प्लॉट्स पर बने निर्माण को अवैध बताकर क्षेत्रीय अधिकारी मनीष कन्नोजिया तोड़ने की धमकी दे रहे हैं। और नहीं तोड़ने की एवज में 3 लाख रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं। सौदा दो लाख में तय हुआ और उसकी पहली किश्त 50 हजार रुपये लेने के लिए मनीष कन्नोजिया ने अनूप कुशवाह को बुलाया था।
अनूप कुशवाह ने शारदा विहार स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में मनीष कन्नोजिया को उनके कक्ष में आज जैसे ही रुपये दिये तो बाहर पहले से तैयार EOW के अधिकारियों ने क्षेत्रीय अधिकारी मनीष कन्नोजिया को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। EOW ने रिश्वत कांड में शामिल क्षेत्रीय अधिकारी मनीष कन्नोजिया के सहायक टाइम कीपर इंदर सिंह को भी गिरफ्तार किया है।
