भिंड/मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में रिश्तखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे है। आए दिन रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारी पकड़े जा रहे हैं।
ताजा मामला भिंड जिले से सामने आया है,जहां नगर पालिका कार्यालय में नामांतरण शाखा में तैनात बाबू अजय राजावत ने नामांतरण किए जाने के लिये एक लाख की रिश्वत मांगी थी।
जहां लोकायुक्त की टीम ने एक लाख रुपए की पहली किस्त के रूप में 55 हजार रुपए घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। नगर पालिका के अंदर छापामार कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त डीएसपी राघवेंद्र ऋषीश्वर के साथ हाथापाई कर दी। जब लोगों को लोकायुक्त पुलिस के छापे की खबर लगी नगर पालिका में अफरा तफरी मच गई। हाथापाई की जिसकी तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,भिंड के रहने वाले विपिन जैन ने लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की थी कि नगर पालिका भिंड में मैेंने मकान के नामांतरण किए जाने को लेकर आवेदन किया है। यहां तैनात क्लर्क अजय राजावत द्वारा एक लाख रुपए की रिश्वत मांगी जा रही है। इस शिकायत पर लोकायुक्त पुलिस ने फरियादी के साथ नामांतरण शाखा के क्लर्क की वाइज टैपिंग कराई। मामला रिश्वत मांगने का पुष्ट होने पर लोकायुक्त पुलिस ने आवेदक के साथ मिलकर नामांतरण शाखा के बाबू को ट्रैप किए जाने का जाल बिछाया।
आवदेक जैन ने आज नामांतरण के तौर पर दी जाने वाली रिश्वत का टाइम फिक्स किया। क्लर्क ने नगर पालिका में आवेदक को बुलाया। बिना भय और डर के खुलेआम क्लर्क राजावत ने आवेदक जैन से एक लाख रुपए की पहली किस्त 55 हजार रुपए लिए। इधर बाहर लोकायुक्त पुलिस रिश्वत लेने के बाद आवेदक के इशारे का इंतजार कर रही थी। तभी लोकायुक्त पुलिस ने छापामारा और क्लर्क को रंगे हाथों दबोच लिए। क्लर्क के दोनों हाथों को धुलवाए गए। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने आगे की जांच शुरू कर दी।
