जबलपुर/मध्यप्रदेश।
मध्य प्रदेश के जबलपुर में लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने बिजली (Electricity) चोरी के मामले को रफा-दफा करने को लेकर रिश्वत मांगने वाले बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर (Junior engineer) को रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी जेई के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम (Corruption Act) के तहत मामला दर्ज किया गया है। दरअसल,बिजली चोरी के प्रकरण को रफा-दफा करने के लिए उपभोक्ता से रिश्वत की मांग करना जूनियर इंजीनियर (जेई) कमलेश कुमार कसेरा को महंगा पड़ा। उपभोक्ता की शिकायत पर लोकायुक्त पुलिस ने जूनियर इंजीनियर को रिश्वत की दूसरी किश्त लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई एमपीईबी के पूर्व संभाग क्रमांक-2, जोन-2 कार्यालय में की गई। आरोपित जेई ने उपभोक्ता से रिश्वत में 10 हजार रुपये की मांग की थी। रिश्वत की पहली किश्त में पांच हजार रुपये वह ले चुका था। सोमवार को रिश्वत की दूसरी किश्त के पांच हजार रुपये लेते हुए वह पकड़ा गया।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,लोकायुक्त डीएसपी दिलीप झरवड़े ने बताया कि प्रेमनगर निवासी सतीश चंद्र वंशकार ने पुलिस अधीक्षक अनिल विश्वकर्मा से जेई कसेरा के विरुद्ध शिकायत की थी। वंशकार ने बताया कि उसके पिताजी प्रकाश चंद्र वंशकार के विरुद्ध विद्युत मंडल ने बिजली चोरी का प्रकरण दर्ज किया था। प्रकरण को निपटाने के लिए जूनियर इंजीनियर कसेरा रिश्वत की मांग कर रहा है। बतौर रिश्वत वह पांच हजार रुपये ले चुका है तथा फिर से पांच हजार की मांग कर रहा है। एसपी विश्वकर्मा ने कसेरा को रंगे हाथ पकड़ने के निर्देश दिए थे।
डीएसपी झरवड़े ने बताया कि फरियादी वंशकार के घर में किराना की दुकान है। घरेलू विद्युत कनेक्शन का उपयोग वह दुकान में करता था। विगत दिवस विद्युत मंंडल की टीम ने दबिश देकर इस मामले में बिजली चोरी का प्रकरण दर्ज किया था। जिसे निपटाने के लिए कसेरा ने रिश्वत की मांग की थी।
डीएसपी ने बताया कि वंशकार के विरुद्ध बिजली चोरी का प्रकरण विद्युत मंडल ने दर्ज किया है। प्रकरण ऑनलाइन करने के बाद रिश्वत की मांग की जा रही थी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के निर्देश पर कसेरा के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ती की पता लगाने की कार्रवाई की जाएगी।
