बता दें कि पटवारी ने न्यायालय में केस जितवाने, नामांतरण और पावती के बदले बड़ी रकम मांगी थी। आवेदक पुरूषोत्तम पाटीदार से जमीन के नामांतरण व पावती बनाने के लिए 40 हजार रुपये की डिमांड करने वाले पटावरी आरोपी संतोष शर्मा हल्का नं2 नीमच को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
नीमच/मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी कर्मचारी पर लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी है। लोकायुक्त का शिकंजा रिश्वतखोरों पर कसता जा रहा है इसी तारतम्य में बुधवार को नीमच जिले के दारू गांव में उज्जैन लोकायुक्त की पुलिस ने एक पटवारी को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। पटवारी का नाम संतोष शर्मा है जिसने एक किसान से जमीन के नामांतरण और पावती बनाने के नाम पर 40 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। जैसे ही किसान रिश्वत के 10 हजार रुपए लेकर पटवारी के घर पहुंचा तो लोकायुक्त ने टीम ने पटवारी को रिश्वत लेते रंगेहाथों धरदबोचा।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,बुधवार को उज्जैन लोकायुक्त टीम ने नीमच जिले के ग्राम दारू में जमीन के नामांतरण और पावती बनाने के नाम पर पटवारी को 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जानकारी के अनुसार आवेदक पुरूषोत्तम पाटीदार निवासी दारू गांव को अपनी 14 आरी की भूमि का नामांतरण करवाना था, और उसके बाद पावती बनना थी। जब पुरूषोत्तम पाटीदार ने ग्राम दारू के हल्का नंबर- 2 के पटवारी संतोष शर्मा से मुलाकात की, और उनसे जमीन के नामांतरण कराने की बात कही। इस पर पटवारी संतोष शर्मा ने नामांतरण सहित अन्य कार्यो के बदले में कुल 40 हजार रूपये की मांग की। जिसकी पहली किश्त लेकर पाटीदार ने आवेदक को बुलाया था। लेकिन आवेदन के पास महज 10 हजार रूपयों की व्यवस्था थी। जिस पर आवेदक ग्राम दारू में ही मौजूद पटवारी के निवास पर रूपये लेकर पहुंचा। इसी दौरान लोकायुक्त की टीम ने
छापामार कार्रवाई की, और पटवारी संतोष शर्मा को रिश्वत लेते रंगो हाथों गिफ्तार किया।टीम द्वारा अब प्रकरण तैयार कर आगे की जांच शुरू की जाएगी। बताया जा रहा है कि आवेदक द्वारा उक्त मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त शैलेंद्र सिंह चौहान को की थी जिस पर पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त द्वारा निरीक्षक राजेंद्र वर्मा के निर्देशन में टीम को कार्रवाई हेतु भेजा था।
