बता दें कि ये मामला तब सामने आया जब भोपाल के कांग्रेस विधायक आरिफ अकील ने ये मुद्दा उठाया। अकील ने रिटायर्ड आईपीएस अधिकारियों के बंगले पर ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों की सूची मांगी थी। इसके जवाब में मुख्यालय ने बताया कि रिटायर्ड आईपीएस अधिकारियों को अर्दली ड्राइवर रखने की पात्रता नहीं है जिन अफसरों के बंगले, दफ्तर में अभी कर्मचारी ड्यूटी कर रहे हैं उन्हें या तो फौरन वापस बुलाया जाए या फिर उसका खर्च संबंधित पुलिस इकाई का अफसर दे।
भोपाल/मध्यप्रदेश।
आईपीएस अफसरों के रिटायर होने के बाद भी पुलिस जवान उनके बंगले पर ड्यूटी बजा रहे हैं। पुलिस मुख्यालय (PHQ) को भनक लगी तो उसने सख्त आदेश जारी कर दिया है कि जो अफसर इन जवानों की ड्यूटी लगा रहा है, उसकी जेब से सारा खर्च वसूल किया जाएगा।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,मध्य प्रदेश के कई आईपीएस अफसरों ने रिटायर होने के बाद भी अपने बंगले पर अर्दली, ड्राइवर और अन्य जवानों को लगा रखा है। नियम विरुद्ध हो रहे इस काम का जब खुलासा हुआ तो पुलिस मुख्यालय ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। पुलिस मुख्यालय ने सभी पुलिस इकाइयों को निर्देश जारी कर दिया है। इसमें कहा गया है कि अगर रिटायर्ड अधिकारियों के बंगले पर अर्दली, ड्राइवर या दूसरे कर्मचारी की ड्यूटी लगाई तो उसका सारा खर्च वही पुलिस अफसर उठाएगा जिसने ड्यूटी लगायी है। पुलिस मुख्यालय ने सभी पुलिस इकाइयों को इस संबंध में लैटर जारी कर दिया है।
विशेष सशस्त्र बल के स्पेशल डीजी विजय यादव ने सभी बटालियन के कमांडेंट और प्रशासन शाखा के उप पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए हैं। विजय यादव ने कमांडेंटर छठवीं, सातवीं, 23वीं, 24वीं, 25 वीं, 32 वीं बटालियन, एसएएफ जबलपुर, भोपाल, जावरा उज्जैन और प्रशासन के उप पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि विधानसभा अतारांकित प्रश्न क्रमांक 317 द्वारा आरिफ अकील प्रश्न (ख) के संबंध में सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारियों के बंगले पर पदस्थ कर्मचारियों की सूची भेजी गई है। इस संबंध में बताया जा रहा है कि सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारियों को अर्दली और ड्राइवर रखने की पात्रता नहीं है। इसलिए आदेश है कि अगर सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारियों के कार्यालय और बंगले पर लगे कर्मचारी वापस नहीं बुलाए गए तो उनका सारा खर्च वही संबंधित पुलिस इकाई उठाएगी जिसके अर्दली या ड्राइवर हैं।
