बता दें कि इस इलाके में बड़ी संख्या में फर्नीचर की दुकान संचालित होती थी। दुकानदार सरकारी जमीन पर कब्जे का दावा करते थे और उन दुकानों से मोटी रकम किराए के तौर पर वसूलते थे। कार्रवाई के दौरान करीब 40 ऐसी दुकान ध्वस्त की गईं, जिन्हें अवैध रूप से बनाया गया था। इसके बाद निगम ने एक होटल और नर्सरी पर भी कार्रवाई की।
इंदौर/मध्यप्रदेश।
इंदौर में नगर निगम की कार्रवाई के दौरान पुलिस का अमानवीय चेहरा सामने आया है। एक कार्रवाई के दौरान सीएसपी कई लोगों को चांटा मारते हुए दिखाई दिए तो वहीं एसडीएम लात मारते हुए कैमरे में कैद हुए। अब इस पूरे मामले को लेकर पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं। इस कार्रवाई के दौरान सीएसपी जयंत राठौर ने थप्पड़ों की बौछार की तो वहीं एसडीएम प्रतुल सिन्हा ने तो विरोध करने वालों की लातों से पिटाई कर डाली। वहीं कांग्रेस अब इस मामले में खुलकर सामने आ गई है और इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,शनिवार को राजेंद्र नगर क्षेत्र के चोइथराम चौराहे से लेकर तेजपुर गड़बड़ी पुलिया तक करीब एक किलोमीटर लंबी सड़क पर अवैध कब्जा कर बनाई गई दुकान-मकान के अवैध अतिक्रमण हटाने पहुंचा था। इस दौरान कार्रवाई का विरोध शुरू हुआ तो सीएसपी जयंत राठौर और एसडीएम ने अपना आपा खो दिया। एसडीएम ने अधेड़ को लात मारा, देखते ही सीएसपी ने भी थप्पड़ रसीद कर दिया। यह देखते ही अधेड़ का बेटा सामने आ गया, जिसे सीएसपी ने जमकर धमकाया। अश्लील गालियों के बीच सीएसपी ने धमकी देते हुए कहा कि जमीन में गाड़ दूंगा। पुलिस औऱ प्रशासनिक अधिकारी की इस गुंडागर्दी का वीडियो अब सोशल मीडिया में वायरल होने लगा है। इस कार्यवाही के दौरान अधिकारियों के द्वारा की गई सख्ती और मारपीट चर्चा का विषय बन गयी।
इनका कहना
आईजी मिश्रा के मुताबिक अक्सर इस तरह की कार्रवाई में लोग विरोध कर पुलिस अधिकारियों को उत्तेजित करते है। ऐसे में अधिक धैर्य रखने की आवश्यकता होती है। लिहाजा आगे से काउंसलिंग के माध्यम से यह हिदायत दी जायेंगी कि वह यह ख्याल रखें कि ऐसी जगहों पर मारपीट न हो।
–हरिनारायण चारी मिश्रा,आईजी इंदौर
