HomeBreaking Newsविनम्र श्रद्धांजलि:शहीद दारोगा प्रशांत यादव को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई,DGP...

विनम्र श्रद्धांजलि:शहीद दारोगा प्रशांत यादव को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई,DGP ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए

बता दें कि आगरा में शहीद हुए सब इंस्पेक्टर प्रशांत कुमार यादव बुलंदशहर के कस्बा छतारी के रहने वाले थे। प्रशांत यादव 2005 में उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। वर्ष 2015 में प्रशांत कुमार यादव उत्तर प्रदेश पुलिस में दारोगा के पद पर प्रोन्नत हो गए थे।प्रशांत यादव के परिवार की अगर बात करें तो प्रशांत यादव अपने पूरे परिवार में इकलौते बेटे थे।


आगरा/उत्तरप्रदेश।

आगरा में दो भाईयों के बीच व‍िवाद को सुलझाने के दौरान शहीद हुए सब इंस्पेक्टर प्रशांत यादव को आगरा पुलिस लाइन में सलामी दी गई। इस मौके पर तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे। एडीजी राजीव कृष्ण समेत तमाम अधिकारियों ने शहीद प्रशांत यादव को श्रद्धांजलि दी और जवानों ने आखिरी सलामी दी। इस मौके पर राज्यमंत्री जीएस धर्मेश भी मौजूद रहे। उन्होंने शहीद प्रशांत के परिवारवालों को 50 लाख की आर्थिक मदद भी दी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि दरोगा के परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी। वहीं शहीद दरोगा के नाम पर सड़क का नामकरण भी किया जाएगा। वहीं मुख्यमंत्री ने दरोगा की हत्या करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उधर, मुख्‍य आरोपी व‍िश्‍वनाथ पर रासुका के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।

क्या था पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,आगरा के खंदौली थाना क्षेत्र के गांव नहर्रा में रहने वाले दो भाईयों में आलू के बंटवारे को लेकर बुधवार शाम विवाद हो गया। सूचना म‍िलने पर दारोगा प्रशांत यादव, सिपाही चंद्रसेन व एक अन्य सिपाही के साथ मौके पर पहुंचे। बताया गया कि घटनास्‍थल पर पहुंचते ही आरोपियों ने पुलिस टीम पर हमला बोल द‍िया। इसी बीच आरोपित ने दारोगा प्रशांत यादव की गोली मारकर हत्या कर दी। सिपाहियों ने भी भागकर जान बचाई। घटना के बाद आरोप‍ित मौके से फरार हो गए। आरोपित की गिरफ्तारी के ल‍िए दब‍िशें दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री योगी ने शहीद दरोगा प्रशांत यादव के आश्रित स्वजनों को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी। साथ ही कहा कि परिवार के किसी एक सदस्य को सरकारी सेवा में लिया जाएगा।

कंधों पर थी 2 परिवारों की जिम्मेदारी

अंतिम सलामी देते पुलिसकर्मी

प्राप्त जानकारी के अनुसार,आगरा में शहीद हुए दारोगा प्रशांत कुमार यादव बुलंदशहर के कस्बा छतारी के निवासी थे। प्रशांत यादव 2005 में उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। साल 2015 में प्रशांत कुमार यादव दारोगा के बाद पर प्रोन्नत हुए थे। प्रंशात यादव अपने पूरे परिवार में इकलौते बेटे थे।
प्रशांत की एक सगी बहन और तीन चाचा की बेटी हैं। प्रशांत के पिताजी रमेश चंद की साल 2008 में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके 1 साल बाद ही प्रशांत के चाचा जय सिंह की 2009 में हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। 2009 के बाद से ही प्रशांत अकेले ही अपने कंधों पर 2 परिवारों का खर्च उठा रहे थे। प्रशांत के चाचा की 3 बेटियां है, जिनकी अभी शादी होना बाकी है।
प्रशांत की चचेरी बहन अंजलि का कहना है कि अब हमारा परिवार कैसे चलेगा। हमारे पूरे परिवार का चिराग ही बुझ गया। उनकी चचेरी बहन सरकार से मांग कर रही है कि परिवार को एक नौकरी देने से हमारा कोई भला नहीं होगा। सरकारी हमारी तरफ सोचे कि अब हमारे परिवार का खर्च कैसे चलेगा।
उधर, प्रशांत की चाची का कहना है कि जिन्होंने मेरे बेटे की हत्या की है, सरकार उन्हें सख्त से सख्त सजा दे। प्रशांत यादव के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

पति की मौत की खबर सुन पत्नी बेसुध हुई

बुधवार देर शाम को पुलिस ने परिवार के प्रशांत के शहीद होने की खबर दी तो पत्नी रेनू बेहोश हो गई और मां गायत्री बेसुध हो गईं। मां रोये जा रही थीँ। वह बार-बार एक ही बात कह रही थी बेटे तुम कहां चले गए, तुम ही तो मेरा सहारा थे। अब किसे बेटा कहकर पुकारूंगी। वहीं पत्नी रेनू जब भी होश में आती, रोने लगती। उन्हें महिला पुलिसकर्मी किसी तरह संभाल रही थीं। बेटा पार्थ समझ नहीं पा रहा था आखिर पिता कहां चले गए हैं।

इनका कहना

आईजी रेंज आगरा ने बताया कि शिवनाथ और विश्वनाथ दो सगे भाई हैं। शिवनाथ बड़ा है और विश्वनाथ छोटा है। शिवनाथ अपने पिता के हिस्से से निकले आलू को बाजार में बेचने के लिए जा रहा था, जिस पर विश्वनाथ ने मां का भी हिस्सा देने की बात कही। इसके बाद दोनों के बीच व‍िवाद हो गया। विवाद बढ़ता देख बड़े भाई शिवनाथ ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर सब इंस्पेक्टर प्रशांत एक सिपाही के साथ पहुंचे। पुलिस को आता देख छोटा भाई विश्वनाथ वहां से भागने लगा और भागते हुए उसने दो फायर किए। एक गोली सब इंस्पेक्टर की गर्दन में जा लगी और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। आरोपी विश्वनाथ फिलहाल फरार है।

यूपी पुलिस के मुखिया ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए

 

Live Share Market :
- Advertisment -

Most Popular

error: Content is protected !!