बता दें कि मध्यप्रदेश की भोपाल पुलिस ने महिला नायब तहसीलदार की एफआईआर दर्ज करने में 7 दिन लगा दिए। सस्पेंड इंस्पेक्टर शिशिर दास ने कार से पीछा कर टोल नाके पर महिला नायब तहसील को धमकी दी थी।छेड़छाड़ के मामले को वापस न लेने को लेकर धमकाया था। 13 जनवरी की घटना में खजूरी पुलिस ने 19 जनवरी को एफआईआर दर्ज की है। खजूरी इलाके में टोल नाके का मामला था।
भाेपाल/मध्यप्रदेश।
महिला सुरक्षा का दावा करने वाली एमपी पुलिस जब अपने ही पुलिसकर्मी से महिलाओं की सुरक्षा न कर पाएं तो उसकी नियत पर आमजन को शंका होना लाजमी है।
दरअसल,लोगों की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी अब खुद ही दूसरों की असुरक्षा का कारण बनने लगे हैं।
राजधानी भोपाल के खजूरी सड़क थाना पुलिस ने पड़ाेसी जिले में पदस्थ एक महिला नायब तहसीलदार की शिकायत पर पुलिस के निरीक्षक के खिलाफ केस वापस लेने के लिए धमकाने का केस दर्ज किया है।
इस से पहले महिला की शिकायत पर निरीक्षक के खिलाफ सीहाेर के काेतवाली थाने में छेड़छाड़, आइटीएक्ट आदि के तीन केस दर्ज हैं। इन्ही मामलों में शिकायत मिलने पर निरीक्षक काे निलंबित किया जा चुका है। अब वह अदालत में विचाराधीन मामलाें काे वापस लेने के लिए महिला अधिकारी पर दबाव बनाकर केस वापिस लेने काे धमका रहे हैं। इसीलिए उसने महिला अधिकारी का अपनी गाड़ी से भोपाल आने के दौरान पीछा किया है। उसने दो बार गाड़ी में टक्कर मारकर कोर्ट में चल रहे मामले को खत्म करने के लिए कहा है। महिला नायब तहसीलदार अभी इच्छावर में तैनात है। वह भोपाल स्थित अपने घर पर इलाज के लिए आ रही थी।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,खजूरी सड़क थाना प्रभारी संध्या मिश्रा ने बताया कि पड़ाेसी जिले में पदस्थ 31 वर्षीय महिला नायब तहसीलदार ने शिकायत दर्ज कराई थी। उसमें बताया कि 13 जनवरी काे वह अपनी कार से भाेपाल आ रही थीं। इस दौरान पड़ाेसी जिले के एक थाने में टीआइ के पद पर पदस्थ रहे शिशिर दास ने अपनी कार से उनका पीछा करना शुरू कर दिया। फंदा टाेल नाके पर शिशिर ने ओवर टेक करते हुए उनकी कार काे राेक दिया। इसके बाद केस वापस लेने के लिए धमकाना शुरू कर दिया। इसके बाद वीआइपी राेड पर भी शिशिर दास ने कार अड़ाकर उनकी कार राेकने की काेशिश की। घटना के बाद बुरी तरह भयभीत हाे चुकी महिला अधिकारी ने बुधवार रात नौ बजे खजूरी सड़क थाने पहुंचकर शिकायत की। जांच के बाद पुलिस ने शिशिर दास के खिलाफ रास्ता राेककर केस वापस लेने के लिए धमकाने का केस दर्ज कर लिया है।
क्या था पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,पड़ाेसी जिले में पदस्थ महिला अधिकारी से वर्ष 2018 में क्षेत्र के एक थाने में पदस्थ थाना प्रभारी शिशर दास से परिचय हाे गया था। इसके बाद दाेनाें में लंबी बातचीत हाेने लगी। बाद में टीआइ का तबादला दतिया जिले में हाे गया। इसके बाद दास ने महिला अधिकारी काे परेशान करना शुरू कर दिया। वह राजधानी के पड़ाेसी जिले में आकर महिला अधिकारी काे परेशान करने लगे। तंग हाेकर महिला ने थाने में शिकायत दर्ज करा दी। इसके बाद दास ने कुछ आपत्तिजनक फाेटाे सार्वजनिक कर दिए। इसके बाद दूसरी एफआइआर दर्ज की गई। शिशिर दास की हरकत के कारण छेड़छाड़ की तीसरा केस भी दर्ज किया गया।परेशान महिला अधिकारी ने शिशिर दास की शिकायत दतिया एसपी काे की। इसके बाद शिशिर दास काे निलंबित कर उनकी विभागीय जांच शुरू कर दी गई। शिशिर दास विवाहति हैं। उनके दाे बच्चे भी हैं। पुलिस केस दर्ज कर आराेपित शिशिर दास की तलाश कर रही है।
कैसे महिला नायब तहसीलदार के संपर्क में आये इंस्पेक्टर

सस्पेंड इंस्पेक्टर शिशिर दास से सीहोर में पोस्टिंग के दौरान से विवाद है। 2018 में सीहोर में पोस्टिंग के दौरान महिला नायब तहसीलदार की इंस्पेक्टर शिशिर दास से जान पहचान हुई थी। इस दौरान दोनों में बातचीत होने लगी थी। इंस्पेक्टर ने इसे गलत वे में ले लिया था। शिशिर दास वीडियो कॉल कर महिला अधिकारी को ब्लैकमेल करता था।
इससे परेशान होकर शिशिर दास के खिलाफ महिला अधिकारी ने 2020 में सीहोर के कोतवाली थाने में छेड़छाड़, आईटी एक्ट समेत आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज करवाया था। सभी मामले अभी कोर्ट में विचाराधीन है। मगर शिशिर दास अब महिला अधिकारी पर समझौता के लिए दबाव बना रहा है।
अब तक इतने केस हुए दर्ज
◆अनुसार 19 जनवरी की रात लगभग साढ़े नौ बजे 30/22 धारा 341/195(ए)/506 रास्ते में रोकना, मुकदमा वापस लेने उकसाना और धमकाना का मामला दर्ज किया गया है। पीड़िता 31 वर्षीय सीहोर की नायाब तहसीलदार है। इस मामले में आरोपी शिशिर दास है। वह इटारसी में रहते हैं।
◆आरोप है कि सीहोर के कोतवाली थाने (Kotwali) में तैनाती के दौरान ही तहसीलदार से विवाद किया था। जिसमें 57/21 धारा 294/456/509/506 का मुकदमा दर्ज किया था।
◆उसके बाद 88/21 धारा 456/34 का केस दर्ज किया गया था। सीहोर के ही कोतवाली थाने में 195/21 धारा 354/354—क/354—घ/67 आईटी एक्ट का प्रकरण दर्ज था।
इन मामलों में इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी नहीं होने पर काफी राजनीतिक हंगामा भी मचा था। सीहोर से टीआई को दतिया के सेवढ़ा थाने में भेज दिया गया था। फिर मामले के तूल पकड़ने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया था। सीहोर कोतवाली थाने की पुलिस ने गिरफ्तारी इटारसी के सिनेमा घर से की थी। आरोप है कि ताजा मामले में शिशिर दास नायाब तहसीलदार के वाहन का वह पीछा कर रहा था। फिर उसको वाहन सटाकर रुकने के लिए बोल रहा था। इस दौरान पीड़ित महिला अधिकारी के वाहन का कांच भी टूट गया था।
