बता दें कि इससे पहले शिवराज सिंह सरकार ने तय किया था कि संविदा कर्मचारियों को मध्यप्रदेश शासन की सेवा में लेने के लिए जितनी भी भर्ती निकाली जाएंगी,उनमें 20% आरक्षण दिया जाएगा।
भोपाल/मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए तय किया है। कि आने वाली पुलिस की नियमित भर्ती में संविदा कर्मियों को 20 फ़ीसदी आरक्षण का लाभ नहीं दिया जाएगा। शिवराज कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिये गए, उन्हीं में से एक फैसला पुलिसभर्ती को लेकर भी रहा।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार को हुई शिवराज कैबिनेट की अहम बैठ में कई महत्वपूर्म फैसलों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने तय किया गया कि, गृह विभाग में पुलिस की नियमित भर्ती में संविदा कर्मियों को 20 फ़ीसदी आरक्षण का लाभ नहीं दिया जाएगा। गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कैबिनेट में लिए गए फैसलों के संबंध में बताते हुए कहा कि, गृह विभाग के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान तय किया गया कि, पुलिस भर्ती में संविदा कर्मियों के लिए 20 फ़ीसदी आरक्षण का नियम लागू नहीं होगा। कैबिनेट ने गृह विभाग को इस नियम से छूट की मंजूरी भी दी है।
पूर्व सैनिकों और अनुकंपा नियुक्ति के लिए 25 फीसदी आरक्षण पहले से तय
गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि, पुलिस भर्ती में पहले से ही पूर्व सैनिकों और अनुकंपा नियुक्ति के लिए 25 फीसदी आरक्षण तय है। ऐसे में अगर 20 फ़ीसदी आरक्षण और दिया गया तो, इसे अव्यवहारिक माना जाएगा, यही वजह है कि कैबिनेट ने संविदा कर्मियों को आरक्षण में 20 फीसदी कटोती करने का फैसला लिया है।
