बता दें कि युवक की शिकायत है कि निरीक्षक ने उसे पुलिस का रौब दिखाया और बात को टालते चले गए फिर अचानक रात के समय घर के बाहर खड़ी कार को उठवा कर ले गए अब इसी बात की शिकायत उसने पुलिस अधीक्षक से भी की है।
शिवपुरी/मध्यप्रदेश।
धोखाधड़ी के कई किस्से आपने खूब सुने होंगे जिसकी शिकायत आए दिनों थानों में आती रहती है। इन शिकायतों का समाधान पुलिस द्वारा किया जाता है। लेकिन पुलिस पर ही धोखाधड़ी का आरोप लग जाये तो फरियादी कहाँ जाकर इंसाफ की गुहार लगाए। धोखाधड़ी का अजब मामला शिवपुरी जिले के खनियाधाना थाना क्षेत्र से सामने आया है। जहाँ एक युवक ने पुलिस निरीक्षक पर धोखाधड़ी और कार चोरी का आरोप लगाया है। युवक का कहना है कि पुलिस वाले ने उसे 2 लाख रुपये में पुरानी कार बेची थी। दोनों के बीच बात हुई थी कि पहले कुछ रुपये देने पर कार देंगे और बाकी रुपये कार के कागज मिलने के बाद लेकिन इतने महीनों के बाद भी निरीक्षक ने कार के कागज नहीं सौंपे और अब अचानक घर से गाड़ी भी उठा कर ले गए।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,मामला जिले के खनियाधाना थाना क्षेत्र का बताया गया है। जहां सुशील शर्मा नाम के युवक ने तत्कालीन पुलिस निरीक्षक प्रदीप वॉल्टर पर धोखाधड़ी और कार चोरी का आरोप लगाया। युवक ने बताया कि निरीक्षक की शिकायत उसने पुलिस हेडक्वार्टर से लेकर सीएम शिवराज तक से की है। लेकिन न तो मामले में कार्रवाई हुई और न ही किसी ने उसकी शिकायत सुनी।
सुशील शर्मा ने बताया कि उसने खनियाधाना थाना प्रभारी से 2 लाख रुपये में सेकंड हैंड कार खरीदी थी। जिसके एवज में 1 लाख 80 हजार रुपये लेकर उसे कार हैंडओवर की गई। बाकी 20 हजार रुपये कार के कागज ट्रांसफर करने के बाद देने की बात हुई थी। लेकिन इसी बीच निरीक्षक प्रदीप वॉल्टर का ट्रांसफर दूसरे जिले में हो गया। जिसके 18 महीने बाद भी युवक को कागज ट्रांसफर नहीं किए गए।
इनका कहना
सुशील शर्मा नाम के युवक ने तत्कालीन पुलिस निरीक्षक प्रदीप वॉल्टर पर धोखाधड़ी और कार चोरी का आरोप लगाया है। युवक की शिकायत पर मामले में जांच करने के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।
–राजेश सिंह चंदेल,पुलिस अधीक्षक, शिवपुरी।
