बता दें,कि आरआई कृष्णपाल सिंह तोमर पर पहले भी आरक्षकों को प्रताड़ित करने के आरोप लग चुके हैं। इससे पहले अप्रेल 2021 में आरक्षक राहुल अटारिया द्वारा सुसाइड करने व सुसाइड करने का प्रयास किया गया था। राहुल अटारिया ने भी एक पत्र लिखा था जिसमें आरआई कृष्णपाल सिंह तोमर को आत्महत्या करने के लिए प्रेरित किया जाना बताया गया था। इसके बाद कृष्णपाल सिंह तोमर ने आरक्षक राहुल अटारिया को दूर-दराज के क्षेत्र में पदस्थ कर दिया था।
मुरैना/मध्यप्रदेश।
अपने वरिष्ठ अधिकारियों की प्रताड़ना से एक पुलिस आरक्षक इतना परेशान हो गया कि उसने नौकरी करने से अच्छा मौत के रास्ते को चुनना बेहतर समझा,दरअसल, मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में पदस्थ एक पुलिस आरक्षक कथित पत्र सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। पत्र में आरक्षक ने विभाग में पदस्थ आरआई और बाबू पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है। आरक्षक ने कहा कि अगर उसकी मौत होती है तो उसके लिए ये दोनों ही जिम्मेदार होंगे।
दरअसल,फेसबुक और वॉट्सअप पर मंगलवार सुबह वायरल हुए दो पेज के सुसाइड नोट ने मुरैना पुलिस में हड़कंप मचा दिया। यह सुसाइड नोट मुरैना पुलिस के आरक्षक अनुराग शर्मा ने अपने फेसबुक अकाउंट पर शेयर किया, जो बाद में इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गया। आरक्षक ने सुसाइड नोट में लिखा कि उसे आरआइ कृष्णपाल सिंह तोमर व एसपी ऑफिस के बड़े बाबू ओपी शर्मा प्रताड़ित कर रहे हैं। इस पोस्ट में आगे लिखा कि मेरी मौत के जिम्मेदार यह दोनों रहेंगे, मौत के बाद इन दोनों पर कार्रवाई की जाए।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,आरक्षक अनुराग ने फेसबुक पर यह पोस्ट सोमवार की देर रात डाली। उसके बाद से वह लापता है। फेसबुक पर ही अनुराग की पत्नी प्रियंका ने कमेंट लिखा, ‘प्लीज आप घर आ जाओ। मैं आरआइ, बड़े बाबू को देख लूंगी, आप कोई गलत कदम नहीं उठाना। मामला तूल पकड़ने के बाद मंगलवार दोपहर आरक्षक ने फेसबुक से यह पोस्ट हटा ली, लेकिन आरक्षक का कहीं कोई सुराग नहीं लगा है। इस घटना के बाद वे लापता हैं।
अनुराग शर्मा ने पत्र में लिखा है कि मेरे साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है। मुझे पहाड़गढ़ भेज दिया गया। वहां पदस्थ हुए उसे दो वर्ष बीत चुके हैं, उसके बावजूद उसे वापस नहीं किया जा रहा है। उसके 2 साल की बेटी है जो आए दिन बीमार रहती है। दूर पदस्थी के कारण वह उसकी देखभाल व इलाज नहीं करा पा रहा है। साथ ही उन्होने यह भी लिखा कि मेरी मौत के उपरांत इन दोनों जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। पत्र में आरक्षक के हस्ताक्षर के साथ ही उसका बैच नंबर भी लिखा है।
इनका कहना
प्रताड़ना के आरोप पर अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है। मुरैना एसपी ने कहा कि आरक्षक लापता है उसका फोन नहीं लग रहा। जब तक आरक्षक से बात नहीं हो जाती तब तक इस पर कुछ नहीं बोलूंगा।
