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मासूम बच्चियों के साथ सड़क पर खड़े थे दंपत्ति,न पैसे थे न भोजन,फरिश्ता बनकर पहुँचे टीआई तिवारी जी

“बता दें कि इससे पहले वर्ष 2017-18 में राष्ट्रपति के काफिले में एक गर्भवती महिला के ट्रैफिक में फस जाने पर उनकी गाड़ी स्वमं ड्राइव करके सुरक्षित हॉस्पिटल में भर्ती करवाया था उस समय सुधेश तिवारी तत्कालीन हनुमानगंज थाना प्रभारी थे”



भोपाल/मध्यप्रदेश……………..


खाकी के अनेक रूपों से आपका सामना हुआ होगा। लेकिन आज देश में कोरोना जैसे संक्रमण में खाकी सभी जगह सख्ती के साथ सेवक की भूमिका भी बखूबी निभा रही हैं। आज हम जिस व्यक्तित्व से आपका परिचय कराने जा रहें हैं उनका नाम किसी पहचान का मोहताज नहीं हैं। हम बात कर रहें हैं मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के अशोका गार्डन थाने में पदस्थ थाना प्रभारी सुधेश तिवारी की। जिनका हृदय मानवीय संवेदनाओं से भरा हुआ है।


क्या है पूरा मामला……………….


प्राप्त जानकारी के अनुसार,मुकेश यादव जिला सीहोर निवासी जिनकी दोनों बेटियां बीमार थी,और उपचार के लिए रायसेन रोड स्थित रोशन अस्पताल में एडमिट थे। वहीँ बीते रोज हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने के बाद मुकेश यादव के पास घर पहुंचने के लिए ना ही पैसे थे और ना ही हिम्मत। यात्रा का विलंब दोनों बच्चियों को पुनः बीमारी का कारण बन सकता था, उक्त जानकारी जब थाना प्रभारी सुधेश तिवारी को पता चली। तो वह देव दूत बनकर पीड़ित परिवार के लिए तत्काल भोजन की व्यवस्था करके शासकीय वाहन से परिवार को सीहोर पहुंचाया। पुलिस द्वारा किये गए इस मानवीय कार्य की हर कोई प्रशंसा करते हुए नही थक रहा वहीं दूसरी ओर उक्त दंपत्ति पुलिस द्वारा की गयी सहायता पर धन्यवाद दुआएं देते नही थक रहा।


हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने के बाद मासूम बच्चियों के साथ यादव दंपत्ति

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