बता दें कि इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में पति की मौत के बाद पत्नी ने भी मौत को गले लगा लिया, डिप्टी रेंजर पति की कोरोना से मौत होने के बाद महिला ने डिप्रेशन में फांसी लगा ली। वहीं पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
इंदौर/मध्यप्रदेश।
इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में महिला प्रोफेसर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि रेंजर पति की कोरोना संक्रमण से मौत होने के बाद से डिप्रेशन में थी जिसके बाद महिला प्रोफ़ेसर ने आत्महत्या कर ली। बड़वानी निवासी पवन के पिता ललित सोनी ने बताया कि बीमारी के दौरान नेहा लगातार पवन के साथ ही थी। जब तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर सभी घरवाले भी इंदौर ही आ गए नेहा पवन की बिगड़ती हालत देख बार-बार कहती कि उसे किसी भी तरह बचा लो, वरना मैं भी खुद को कुछ कर लूंगी। सुबह अचानक नेहा के सामने पवन की मौत हुई तो वह सहन नहीं कर सकी।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,पवन पवार (36) निवासी सेंचुरी पार्क की सुबह 8 बजे भंवरकुआं के निजी अस्पताल में कोरोना से मौत हो गई। उनकी मौत के करीब ढाई घंटे बाद पत्नी नेहा (34) ने भी फ्लैट में फांसी लगा ली। दोनों का रिश्ता करीब 18 साल पुराना था, लेकिन लव मैरिज पांच साल पहले हुई थी। रेंजर बनने के बाद शुभम की ट्रेनिंग देहरादून में होनी थी। पति का वन विभाग के डिप्टी रेंजर पद पर चयन हो चुका था। हालांकि, महामारी के प्रकोप के कारण वन विभाग में उनका प्रशिक्षण सत्र रद्द हो गया था और वह इस पद को विधिवत संभाल नहीं सके थे। की उन्हें कोरोना हो गया पांच दिन घर में इलाज किया, लेकिन तबीयत बिगड़ने पर उन्हें 15 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इस दौरान जब पवन के शव को अस्पताल से बड़वानी ले जाने की तैयारी हो रही थी, उस वक्त नेहा ने कपड़े लेने का बहाना बनाया और भाई अनुराग के साथ फ्लैट पहुंची। भाई को नीचे रोककर नेहा अकेली ऊपर गई। 10-15 मिनट बाद भी वह नीचे नहीं आई तो भाई ने फोन लगाया। उसने फोन नहीं उठाया तो अनुराग दौड़कर फ्लैट में पहुंचा। वहां नेहा फंदे पर झूलती नजर आई उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी। शव को जिला अस्पताल ले जाया गया।
18 साल पहले छत्तीसगढ़ के कोरबा में शुरू हुई थी प्रेम कहानी
जानकारी के मुताबिक नेहा और पवन की लव स्टोरी 18 साल पहले छत्तीसगढ़ के कोरबा से शुरू हुई थी जिसका दुःखद अंत कोरोना के एपिसेंटर बन चुके इंदौर में हो गया। पिछले 15 दिनों से हर पल अपने पति के स्वस्थ होने का इंतजार कर रही प्रोफेसर नेहा को आखिर में मायूसी मिली और उसने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। घटना के बाद राजेन्द्र नगर पुलिस ने नेहा के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। राजेन्द्र नगर थाना के एएसआई कुंदन ने बताया कि पति की कोरोना से मौत हो जाने के बाद दुखी पत्नी नेहा ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। पुलिस अब खुदकुशी के मामले की जांच कर रही है।
