●मुख्य आरोपी रविशंकर द्वारा जुर्म कबूल किया गया।
●मुख्य आरोपी रवि की मदद करने वाले साथी मोहम्मद आशिक भी गिरफ्तार किया गया।
●मृतक बलवीर की नाबालिक पुत्री घटना में शामिल।
●आरोपी मोटर साइकिल से शहडोल से उज्जैन आया था।
उज्जैन/मध्यप्रदेश…………
थाना माधवनगर के अंतर्गत दिनांक-18-19 जून को 32 वी वाहिनी उज्जैन के परिसर में प्रधान आरक्षक बलवीर सिंह उम्र 54 साल मृत अवस्था में अपने क्वार्टर के उपर छत पर पाये गये थे। मृत्यु की असामान्य परिस्थिति होने पर थाना माधवनगर में मर्ग पंजीबद्ध कर प्रारंभिक जांच में मृत्यु का नेचर (प्राकृति) होमीसाईडल पाया गया। प्रकरण की संवेदनशीलता को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जोन अमरेन्द्र सिंह एवं नगर पुलिस अधीक्षक माधवनगर रविन्द्र वर्मा के नेतृत्व में इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिये टीम गठित की गई तथा शेष आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिये गये थे। जिसके बाद आज मुख्य आरोपी रविशंकर व उसके सहयोगी मोहम्मद आशिक को भी गिरफ्तार किया। आरोपी गणों को आज न्यायालय पेश कर पुलिस रिमाण्ड मांगा गया।
क्या था पूरा मामला…………….
प्राप्त जानकारी के अनुसार,थाना माधवनगर में उक्त घटना के संबंध में अपराध क्र.730/2020 धारा 302,201 भादवि अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध कायम कर विवेचना प्रारंभ की गई। प्रारंभिक जांच में मृतक बलवीर सिंह का पत्नि रेखा उम्र 35 साल के साथ विवाद होने की जानकारी प्राप्त हुई ,जिस पर पूछताछ करने पर पत्नि रेखा द्वारा पूर्व में योजना तैयार कर अपने प्रेमी रवि कुमार पनिका निवासी शहडोल के साथ मिलकर क्वार्टर के अंदर ही बलवीर सिंह का गला दबाकर हत्या करना कबुल किया डेड बाडी को सामान्य परिस्थितियों का दर्शाने के लिये छत पर बिस्तर बिछाकर लेटा दिया। पत्नि रेखा द्वारा स्वयं को बचाने के लिये क्वार्टर में अंदर होकर बाहर से अपने साथी रवि से दरवाजा बंद करवा दिया ताकि किसी प्रकार का संदेह उसके उपर न हो,घटना कारित करने के बाद रवि फरार होकर अपने घर शहडोल भाग गया।
मृतक प्रधान आरक्षक बलवीर सिंह
शादी समारोह में हुई पहचान प्यार परवान चढ़ा और रच डाली हत्या की साजिश………….
पुलिस पुछताछ में आरोपी रेखा द्वारा स्वीकार किया गया कि हत्या की योजना रविशंकर के साथ मिलकर काफी समय पूर्व बना ली थी रविशंकर से रेखा की जान पहचान करीब एक वर्ष पूर्व 2019 मे बांदा मे एक शादी समारोह मे हुई थी जब से वे दोनो आपस मे प्रेम करने लगे थे रवि दो बार रेखा के घर उज्जैन भी पूर्व मे आया था। हत्या की योजना मे रेखा तथा रवि ने रेखा की नाबालिक बेटी को भी शामिल किया गया था।
हत्या के पूर्व 40 लाख का बीमा कराया………….
योजना के तहत मृतक बलवीर सिंह का माह मार्च में 40 लाख रुपये का बीमा मेक्स लाईफ इंश्योरेन्स उज्जैन से कराया गया जिसकी आधी प्रीमियम राशी 25 हजार रविशंकर द्वारा दी गई तथा 20 हजार रुपये रेखा ने दिये तथा यह निश्चित किया कि बीमा की राशी हत्या करने के पश्चात आधी-आधी दोनो बांट लेंगे। इससे पूर्व रेखा अपने पति प्रधान आरक्षक बलवीर से झगड़ा होने के कारण पिछले साल दिसम्बर माह में लगभग 25 दिन रविशंकर के साथ जबलपुर,कटनी,मण्डला,रायपुर में अलग-अलग होटलों में रुके,उसी दौरान इन दोनो ने प्रधान आरक्षक की हत्या की योजना तैयार कर ली थी।
हत्या में नाबालिग बेटी,और दोस्त सहयोगी बने……….
प्रधान आरक्षक की पत्नी रेखा पुलिस हिरासत में
घटना की आरोपी एवं मृतक की पत्नि रेखा चौहान को ज्यूडीशल रिमार्ड पर केन्द्रीय जैल भैरुगढ भेजा गया है। प्रकरण के मुख्य आरोपी रविशंकर पनिका को पुलिस अभिरक्षा में लेकर पुछताछ की गई जिसने बताया कि रेखा से उसके संबंध है ओर दोनो एक दुसरे को बहुत पसंद करते है,घटना वाली रात को मैंने,रेखा व उसकी बेटी के साथ मिलकर बलवीर सिंह की गला दबाकर हत्या की थी। बलवीर के पैर आरोपी रवि ने पकडे थे तथा हाथ उसकी लडकी ने पकडे थे। रेखा ने तकिये से बलवीर का मुंह दबाया था। उसके बाद डेड बाडी को उपर छत पर ले जाकर रख दिया था। रेखा व उसकी लडकी को घर के अंदर कर बाहर सटकनी लगाकर भाग गया था। आरोपी रविशंकर द्वारा घटना करना स्वीकार किया,शहडोल से आरोपी अपने सहयोगी मोहम्मद आशिक के साथ मोटर सायकल से उज्जैन आया था। मोहम्मद आशिक एक दिन देवास में होटल में जाकर रहा। घटना को अंजाम देने के बाद रविशंकर ने अपने दोस्त मोहम्मद आशिक को देवास से उज्जैन बुलाया और उसके साथ मोटर साईकिल से फरार हो गया था। आरोपी रविशंकर और उसका साथी मोहम्मद आशिक दोनो शहडोल के रहने वाले है। दोनो करीब 10-12 साल से एक दूसरे को जानते है। रविशंकर सीआरपीएफ मे छत्तीसगढ में नौकरी करता है और 2016 में शादी होने के बाद से ही पत्नी से विवाद चलता रहता है जिससे उसकी पत्नी ज्यादातर मायके में रहती है और आशिक लॉक डाउन के पहले गुजरात में फेक्ट्री में काम करता था और वर्तमान में कुछ नही कर रहा है। आशिक की शादी 2019 में हुई है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका………..
थाना प्रभारी माधवनगर पी.एन. शर्मा, उप निरीक्षक नितिन उईके, प्रधान आरक्षक संतोष,आर. मुनेन्द्रर, एवं शेलेष को शहडोल रवाना किया गया था। शहडोल पुलिस के अधिकारी/कर्मचारी द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी में सहयोग प्रदान किया गया जिस पर पुलिस अधीक्षक उज्जैन द्वारा शहडोल पुलिस को दस हजार रूपये नगद ईनाम की घोषणा की गई।
