अमेठी/उत्तरप्रदेश……..
नक्सली हमले में देश ने एक और अपना बहादुर लाल गवा दिया छत्तीसगढ़ के सुकमा में हुए नक्सली हमले में शहीद हुए अमेठी के जवान अनिल कुमार मौर्य का शव शनिवार रात उनके घर पहुंचा रविवार को शहीद का अंतिम संस्कार के दौरान जनसैलाब उमड़ पड़ा
सीआरपीएफ के जवान क्षेत्र में जब पार्थिव शरीर को लेकर पहुंचे, गगन भेजी नारे गूंज उठे ग्रामीणों ने 'जब तक सूरज चांद रहेगा, अनिल तुम्हारा नाम रहेगा' के खूब नारे लगाए।
शहीद अनिल की अंतिम यात्रा में हर कोई भावुक हो उठा इस दौरान प्रभारी मंत्री मोहसिन रजा, विधायक गरिमा सिंह, विधायक राकेश प्रताप सिंह, भाजपा नेता अनंत विक्रम सिंह, सीआरपीएफ डीआईजी, कमाडेंट, डीएम, एसपी, एएसपी ने भी उन्हें पुष्प अर्पण कर श्रद्धांजलि दी।
सरकार ने किया 25 लाख की आर्थिक सहायता का ऐलान…….
बता दें कि सरकार ने शहीद के परिवार को आर्थिक मदद देने के लिए 25 लाख का मुआवजे के ऐलान किया था प्रभारी मंत्री मोहसिन रजा ने शनिवार को ही धनराशि शहीद के परिजनों को बैंक के माध्यम से उनके खाते में पहुंचा दिया था।
प्रभारी मंत्री मोहसिन रजा, विधायक और प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में राजकीय सम्मान के साथ शहीद के शव का अंतिम संस्कार किया गया शहीद के छोटे भाई अजय कुमार मौर्य ने शव को मुखाग्नि दी शोकाकुल बूढ़े माता-पिता, पत्नी और बच्चों को देखकर हर किसी की आंखें नम हो गई विधायक गरिमा सिंह और डीएम शुकंतला गौतम शहीद की पत्नी और मां से मिलने पहुंचीं तो खुद को भी रोक नहीं सकीं।
ऐसे हुए वीरगति को प्राप्त…….
कोतवाली क्षेत्र के पूरे खोझवा मजरे नरैनी गांव निवासी अनिल कुमार मौर्य सीआरपीएफ की यूनिट 7 में उप निरीक्षक के पद पर तैनात थे इन दिनों उनकी यूनिट छत्तीसगढ़ के सुकमा में तैनात थी शुक्रवार देर रात सुकमा में सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों से हुई मुठभेड़ में एसआई अनिल कुमार मौर्य बहादुरी से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए थे।
शहीद के 2 बेटे और 2 बेटियां हैं और वह अपने 3 भाइयों में से सबसे बड़े थे।
शहीद को श्रंद्धांजलि देेंने नेेेतागण,अधिकारी और उमड़ता जन सैलाब……….






