कानपुर/उत्तरप्रदेश………
यूपी के कानपुर में देररात बिकरू गांव में दबिश देने पहुंची पुलिस टीम पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी। इसमें बिल्हौर के सीओ समेत 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए हैं। एसओ बिठूर समेत 6 पुलिसकर्मी गम्भीर रूप से घायल हैं। सभी घायल पुलिसकर्मियों को गंभीर हालत में रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ये मुठभेड़ कानपुर के शिवराजपुर इलाके में रात 1 बजे हुई। कानपुर में एनकाउंटर वाली जगह से कुछ दूर एक और एनकाउंटर हुआ है जहां पुलिस ने तीन अपराधियों को मार गिराया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि ये तीनों वही अपराधी हैं जो विकास दुबे के साथ थे। जबकि विकास अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है।
मुठभेड़ में शहीद हुए पुलिसकर्मियों के नाम और पता……..
1-देवेंद्र कुमार मिश्र,सीओ बिल्हौर
2-महेश यादव,एसओ शिवराजपुर
3-अनूप कुमार,चौकी इंचार्ज मंधना
4-नेबूलाल, सब इंस्पेक्टर शिवराजपुर
5-सुल्तान सिंह कांस्टेबल थाना चौबेपुर
6-राहुल ,कांस्टेबल बिठूर
7-जितेंद्र,कांस्टेबल बिठूर
8-बबलू कांस्टेबल बिठूर
मुख्यमंत्री ने शोक संवेदना व्यक्त की………….
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर की इस घटना में मारे गए पुलिसकर्मियों के प्रति शोक और उनके परिजनों से संवेदना प्रकट की है। योगी ने घटना की रिपोर्ट तलब की है और साथ ही डीजीपी एचसी अवस्थी से अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी ने जनपद कानपुर नगर में कर्तव्यपालन के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले 08 पुलिसकर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी है।
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) July 3, 2020
मुख्यमंत्री जी ने @dgpup को इस दुर्दांत घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने तथा तत्काल मौके की रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) July 3, 2020
क्या है पूरा मामला…………….
गोली लगने से घायल बिठूर एसओ कौशलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि देर रात को चौबेपुर थानाक्षेत्र के बिकरू गांव निवासी विकास दुबे के घर पर पुलिस टीम दबिश देने गई थी। बिठूर व चौबेपुर पुलिस ने छापेमारी करके विकास के घर को चारों तरफ से घेर लिया। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर बदमाशों को पकड़ने का प्रयास कर ही रही थी कि विकास के साथ मौके पर मौजूद 8-10 बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिसकर्मी जब तक कुछ समझ पाते गोली मेरी जांघ और हाथ पर लग गई। इसके बाद अपराधी मौके से भाग निकले।
इसके अलावा सिपाही अजय सेंगर, अजय कश्यप, सिपाही शिवमूरत, दरोगा प्रभाकर पांडेय, होमगार्ड जयराम पटेल समेत सात पुलिसकर्मियों को गोलियां लगीं। सेंगर और शिवमूरत के पेट में गोली लगी। दोनों की हालत गंभीर है। सूचना के बाद कई थानों की फोर्स गांव पहुंची और घायलों को लेकर रीजेंसी अस्पताल लाया गया।
चार सिपाहियों की हालत नाजुक………….
बदमाशों से मुठभेड़ के दौरान चार पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं और रीजेंसी हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती हैं। इसमें दो सिपाहियों के पेट में गोली लगी हैं। डॉक्टरों की टीम गंभीर रूप से घायल सिपाहियों की जान बचाने के लिए जद्दोजहद करती रही।
विकास दुबे का आपराधिक इतिहास…………..
मुख्य आरोपी विकास दुबे
विकास दुबे यूपी के सबसे बड़ा अपराधी माना जा रहा है। उस पर साल 2001 में राज्यमंत्री संतोष शुक्ला हत्याकांड में शामिल होने का आरोप है। यही नहीं, साल 2000 में कानपुर के ताराचंद इंटर कॉलेज के सहायक प्रबंधक सिद्धेश्वर पांडेय की हत्या में भी विकास दुबे का नाम आया था। साल 2004 में हुई केबल व्यवसायी दिनेश दुबे की हत्या के मामले में भी हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे आरोपी है।
विकास दुबे पर 60 से ज्यादा आपराधिक केस हैं। पुलिस को उसकी लंबे समय से तलाश थी। गुरुवार को सूचना मिली की विकास दुबे अपने साथियों के साथ बिकरु गांव में छिपा है। पुलिस दल बनाकर तलाश में भेजा गया। पुलिस पार्टी के आने की सूचना विकास दुबे और उसके साथियों तक पहले ही पहुंच गई, जिससे वे घात लगाकर बैठ गए और मौका पाते ही फायरिंग जारी शुरू कर दी। शहीदों में डिप्टी एसपी भी शामिल हैं। चार पुलिसकर्मी जख्मी हैं, जिनमें एक की हालत गंभीर है।
नंबर वन पुलिस डॉटकॉम की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि………
नंबर वन पुलिस डॉटकॉम (No1Police.com) की समस्त टीम शहीद हुए पुलिसकर्मियों को अश्रुपूर्ण विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती हैं। एवं शासन से माँग करती की शहीद हुए जवानों के परिजनों को उचित आर्थिक सहायता प्रदान करें एवं ऐसे दुर्दांत अपराधियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाए जिससे भविष्य में ऐसी दुःखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
