●हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे पर 50000 का इनामी हुआ घोषित।
●उत्तर प्रदेश पुलिस ने मोबाइल नंबर किया जारी किया 9454400211
●विकास दुबे के बारे में सूचना देने वालों को यूपी पुलिस देगी ईनाम।
●कानपुर आईजी रेंज मोहित अग्रवाल ने कुख्यात बदमाश विकास दुबे पर पचास हजार का इनाम घोषित किया।
●बिकरु गांव में शहीद हुए पुलिस कर्मियों के मामले में थाना अध्यक्ष चौबेपुर विनय तिवारी की भूमिका सन्दिग्ध। एसटीएफ थाना अध्यक्ष विनय तिवारी से पूछताछ कर रही है।
●चौबेपुर थाना प्रभारी विनय तिवारी पर मुखबिरी का शक।
●दबिश के दौरान सबसे पीछे चल रहा था SO विनय तिवारी।
कानपुर/उत्तरप्रदेश…….
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर की घटना में कल रात शहीद हुए पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन जाकर श्रद्धाजंलि अर्पित की इससे पहले उन्होने रीजेंसी अस्पताल जाकर घायल पुलिस कर्मियों का हाल भी जाना। मुख्यमंत्री ने इसके बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि कानपुर में जो हुआ वो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होने कहा कि इस पूरी घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा, पुलिस पर कायराना हमला हुआ है। पुलिस जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।
CM श्री @myogiadityanath जी ने जनपद कानपुर नगर में अपराधियों के साथ मुठभेड़ में शहीद पुलिसकर्मियों की शहादत को नमन किया है।
उन्होंने आज शहीद पुलिसकर्मियों के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित किया तथा घायल पुलिसकर्मियों से भेंट कर उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थना की। pic.twitter.com/EXqmSV3STM
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) July 3, 2020
मुख्यमंत्री ने कहा है कि शहीद सभी आठ पुलिस जवान के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। साथ ही शहीदों के प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को शासकीय सेवा प्रदान की जाएगी और आश्रित को असाधारण पेंशन का लाभ दिया जाएगा। उन्हाेंने कहा कि पुलिस जवानों की शहादत को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। इस घटना में दोषी किसी भी व्यक्ति को नहीं छोड़ा जाएगा। उसे कानून के दायरे में कठोर से कठोर सजा दिलाई जाएगी।
प्रत्येक शहीद परिवार को आर्थिक सहायता के रूप में अतिरिक्त ₹01 करोड़ सरकार की ओर से उपलब्ध कराए जाएंगे: मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) July 3, 2020
उन्होंने कहा कि घटना को अंजाम देने वालों को पकड़ने के लिए टीमें बनाई गईं हैं, जो छापेमारी कर रही है। पुलिस मुठभेड़ में दो अपराधी मारे गए हैं और हमारे जवानों से छीने गए असहलों में कुछ बरामद हो गए हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कानपुर में डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी के साथ ही शीर्ष पुलिस अधिकारियों को तैनात कर दिया है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा है कि अब यह अधिकारी तभी कानपुर से वापस जाएंगे जब तक यह टीम विकास दुबे को पकड़ नहीं लेती या फिर मुठभेड़ में धराशाई नहीं कर देती है। उन्होंने पुलिस कर्मियों की हत्या को लेकर सख्त आदेश दिए और कहा कि सभी आला अधिकारियों से कहा है कि जब तक हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे खत्म ना हो जाये तब तक घटनास्थल पर ही कैम्प करें। उन्होंने पुलिस के आलाधिकारियों को सख्त निर्देश देकर तुरन्त कार्रवाई करने को कहा, आनन-फानन में एडीजी ला एण्ड आर्डर प्रशांत कुमार को घटना स्थल रवाना किया गया।
आरोपी विकास दुबे के संबंध में पुलिस को मो. नंबर 9454400211 पर जानकारी दी जा सकती है…………
उत्तर प्रदेश पुलिस ने कानपुर कांड के मुख्य आरोपी हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे पर 50 हजार का इनाम घोषित कर दिया है। साथ ही विकास दुबे के बारे में सूचना देने वालों के लिए एक मोबाइल नंबर जारी कर दिया गया है.
कानपुर में 8 जवानों की हत्या करने के आरोपी विकास दुबे के संबंध में पुलिस को मो. नंबर 9454400211 पर जानकारी दी जा सकती है।
क्या था पूरा मामला…………….
प्राप्त जानकारी के अनुसार,चौबेपुर के बिकरू गांव में हिस्ट्रीशीटर बदमाश विकास दुबे को गुरुवार की आधी रात पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया। घरों की छत से पुलिस पर गोलियां बरसाई गईं, जिसमें सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा समेत तीन सब इंस्पेक्टर और चार सिपाही शहीद हो गए। हमले में सात पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिन्हें कानपुर नगर के रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना में एसओ कौशलेंद्र, दरोगा प्रभाकर पांडेय, सिपाही अजय सेंगर, अजय कश्यप, शिवमूरत, होमगार्ड जयराम पटेल समेत सात पुलिसकर्मियों को गोलियां लगीं। सेंगर और शिवमूरत की हालत गंभीर है।
विकास पर 60 से अधिक मुकदमे…………
मुख्य फरार इनामी आरोपी विकास दुबे
प्रदेश के डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी के मुताबिक विकास दुबे पर 60 ज्यादा मुकदमे हैं। राहुल तिवारी नाम के एक शख्स ने विकास दूबे पर 307 का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसे लेकर पुलिस की टीम दबिश देने के लिए गई थी। बदमाशों को इस बात की भनक पहले से लग गई थी कि पुलिस की टीम दबिश देने के लिए आ रही है ।
टीम के यहां पहुंचने से पहले ही बदमाशों ने जेसीबी लगाकर रास्ता रोका था। पुलिस के पहुंचते ही बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जिसमें हमारे 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए है।
