“बता दें कि पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन मे बेहतरीन काम किया,जबकि एक आरक्षक की संवेदनहीनता ने मन खिन्न कर दिया। लात मारकर शव को हटाने वाले आरक्षक रामवरन रावत का वीडियो एसपी नवनीत भसीन के पास पहुँचते उन्होंने उसे सस्पेंड कर लाइन अटैच कर दिया”
ग्वालियर/मध्यप्रदेश………..
सुल्तानगढ़ के झरने में 15 अगस्त को हुए हादसे के बाद ग्वालियर और शिवपुरी के जिला और पुलिस प्रशासन ने संवेदनाएं दिखाई और स्थानीय लोगों ने जी जान लगाकर पहले तो 45 लोगों को बचाने में मदद की फिर शवों को ढूंढने में जुटे रहे। लगातार प्रयास के बाद रेस्क्यू टीम ने सभी 9 युवकों के शवों को खोज निकाला । लेकिन इसी बीच एक पुलिसकर्मी का अमानवीय चेहरा भी सामने आया।
क्या है मामला……….
दरअसल रेस्क्यू टीम लगातार शवों को खोजने में जुटी थी। उनकी मदद के लिए और कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए ग्वालियर के मोहना थाने का पुलिस फोर्स भी लगा था। इसी बीच एक युवक का शव स्ट्रेचर से पानी में से निकाला गया। एक युवक उस शव को स्ट्रेचर से अलग करने का प्रयास करने लगा लेकिन जब उस युवक से शव स्ट्रेचर से नहीं निकला तो वहां मौजूद मोहना थाने का आरक्षक रामवरन रावत आगे आया और उसने लात मारकर स्ट्रेचर को पलट दिया जिससे शव नीचे गिर गया। मौके पर मौजूद कुछ युवकों ने इसका वीडियो बना लिया । थोड़ी ही देर में वीडियो वायरल हो गया, वायरल वीडियो की बात जैसे ही पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन तक पहुंची उन्होंने आरक्षक रामवरन को तत्काल लाइन अटैच कर दिया।
सरकारी संसाधन हुए फैल स्थानीय युवकों ने आगे बढ़कर की मदद……….
आज सुबह तक पानी से 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। कई और के लापता होने की संभावना है। घटना स्थल से काफी दूर तक नदी में शवों की तलाश की गई है। सुल्तानगढ़ जल प्रपात में बाढ़ के पानी को बचाने में जहां सरकारी संसाधन फेल हो चुके थे, वहीं पास के मोहना गांव के युवकों ने आधा सैकड़ा से ज्यादा लोगों को बाहर निकाला। यदि युवक नहीं आते तो मौत का आंकड़ा आधा सैकड़ा से पार जा सकता था। जिन युवकों के शव मिले है उनकी पहचान निशि कुशवाह, फैज खान, सोनू चौहान , अभिषेक कुशवाह, लोकेन्द्र कुशवाह , भूपेन्द्र सिंह, विशाल चौहान और रवि कुशवाह और सूरज के रूप में हुई है।
