दरअसल फूटी कॉलोनी में लोग पिछले 10 से 15 सालों से रह रहे हैं। एक जनहित याचिका में हाई कोर्ट ने अवैध रूप से रह रहे लोगों को बेदखल करने के आदेश जारी किए हैं।
ग्वालियर/मध्यप्रदेश………..
हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद मुरार के पास हुरावली स्थित फूटी कॉलोनी में रहने वाले करीब 5 सैकड़ा लोगों के आशियाने तोडऩे पहुंचे प्रशासन की टीम को उस समय वापस लौटना पड़ा जब प्रदर्शन के दौरान घायल हुई महिला को जबरन एंबुलेंस से अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई। जब लोगों ने उन्हें रोका तो वहां बैठी महिलाएं आक्रोशित हो गई। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। जिसमें छह लोग और दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। साथ ही एक महिला की मौत होने की खबर होने से लोगों में हडक़ंप मच गया। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया और लोगों पर जमकर लाठियां भांजी गई।
कार्यवाही का विरोध करने पहुँचे कई नेता………..
पुलिस के लाठीचार्ज के बाद गुस्साए लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। जिससे पुलिस को उल्टे पांव वापस भागना पड़ा। इस बीच अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई फिलहाल रुक गई है। तभी माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता अखिलेश यादव,आमआदमी पार्टी के कई कार्यकर्ता और कांग्रेस नेता मुन्नाला गोयल सहित कई दिग्गज नेता घटनास्थल पर पहुंच गए। आदेश के खिलाफ लोग आक्रोशित हैं और प्रशासन को अतिक्रमण हटाने से रोक रहे हैं। खास बात यह है कि यह सभी लोग मजदूर वर्ग से आते हैं और यहां अधिकांश दलित और पिछड़ा वर्ग के लोग रहते हैं।
लोगों के आशियाने तोडऩे पहुंचे प्रशासन की टीम ने जब विरोध कर रहे लोगों पर लाठियां भांजी तो जनता आक्रोशित हो गई और लोगों में भगदड़ मच गई। जिसमें छह लोग व दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाद में पुलिस ने अश्रुगैस के गोले छोड़े तब जाकर स्थिति काबू में आ पाई।
