सीकर/राजस्थान………….
सीकर के फतेहपुर कोतवाली थानाप्रभारी और कांस्टेबल की हत्या के मामले में नौ दिन बाद पुलिस को रविवार को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने वारदात के मुख्य आरोपी शातिर अपराधी अजय चौधरी और उसके दो साथियों को मुबंई और पुणे में धरदबोचा। आरोपियों को सोमवार को जयपुर लाया जाएगा। उसके बाद पुलिस महानिदेशक स्वयं इस मामले में मीडिया को ब्रीफ करेंगे। फरारी और पुलिस दबिश के दौरान आरोपियों द्वारा लगातार जगह बदलते रहने में कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। घटनाक्रम के खुलासे के बाद संदेह के घेरे में आए पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की संभावना है। जयपुर रेंज आईजी वीके सिंह ने बताया कि तीनों आरोपियों अजय चौधरी और उसके साथी जगदीश धनखड़ व राजपाल को मुबंई और पुणे से पकड़ा गया है। वारदात का मुख्य आरोपी अजय चौधरी है। अजय चौधरी ने ही फतेहपुर कोतवाली थानाप्रभारी मुकेश कानूनगो और कांस्टेबल रामप्रकाश को गोली मारी थी, जिसमें उन दोनों की मौत हो गई।
क्या था मामला………….

उल्लेखनीय है कि आरोपियों ने छह अक्टूबर की रात उनका पीछा कर रहे फतेहपुर कोतवाली थानाप्रभारी मुकेश कानूनगो और कांस्टेबल रामप्रकाश की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। थानास्तर से लेकर पुलिस डीजीपी ओपी गल्होत्रा तक ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया था। मामले की जांच जयपुर रेंज के आईजी वीके सिंह के निर्देशन में चल रही है। जानकारी के अनुसार वारदात के बाद ये लोग दो दिन तक राजस्थान में ही रुके रहे। उसके बाद सभी साथी अलग-अलग हो गए। मामले की जांच में जुटी राजस्थान पुलिस और एटीएस को आरोपियों की लोकेशन मुबंई और उसके आसपास के इलाकों में मिली। उसके बाद पुलिस और एटीएस ने आरोपियों के इर्दगिर्द अपना घेरा मजबूत कर दिया। एटीएस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बजरंग सिंह शेखावत टीम के साथ चार दिन से मुंबई में डेरा डाल हुए थे। पुख्ता सूचना के आधार पर एटीएस ने अजय चौधरी और जगदीश धनखड़ को मुबंई से दबोचा है, जबकि राजपाल को पुणे से पकड़ा गया है। अजय मुबंई में अपने दोस्त के घर रुका हुआ था।मुख्य आरोपियों में शामिल एक आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
