भिण्ड/मध्यप्रदेश………….
एक और जहाँ लोगों में VVIP कल्चर बढ़ता जा रहा है वहीं दूसरी ओर अपनी सादगी के लिए अक्सर चर्चा में रहने वाले 2009 बैच के आईएएस भिंड कलेक्टर धनराजू एस एक बार फिर सुर्ख़ियों में है। जब वह सिवनी कलेक्टर थे तो बेटी को स्कूल ले जाने के लिए आॅटो नहीं आया तो सरकारी कार से उसे स्कूल भेजने के बजाए पैदल ही निकल गए थे।
अबकी बार मामला भिण्ड का है उन्होंने बीते रोज स्थानीय जिला चिकित्सालय पहुंचकर अपनी 7 वर्षीय बिटिया लुंबिनी का इलाज करवाया, यही नहीं कलेक्टर साहब ने सामान्य मरीजों के साथ लाइन में खड़े होकर बिटिया के इलाज के लिए पर्चा भी बनवाया, यहां मजे की बात यह रही कि जब कलेक्टर धनराजू एस इमरजेंसी खिड़की पर पर्चा बनवाने पहुंचे तो खिड़की पर बैठे अस्पताल के कर्मचारी ने उनको यह कहकर लौटा दिया कि सामान्य इलाज के लिए पर्चा यहां नहीं बनेगा आप दूसरी विंडो पर जाइए, कलेक्टर श्री धनराजू बड़े सहज भाव से दूसरी विंडो पर पहुंचे और वहां लाइन में खड़े होकर बिटिया के इलाज के लिए पर्चा बनवाया। इस बात की खबर जब जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ अजीत मिश्रा को लगी तो वे दौड़े दौड़े परचा खिड़की पर आए , हालांकि तब तक कलेक्टर श्री धनराजू पर्चा बनवा चुके थे। इसके बाद स्वयं सिविल सर्जन श्री मिश्रा ने बिटिया की जांच की और उसे शासकीय दवाइयां जो निशुल्क मिलती है वही उपलब्ध करवाई।
क्या है मामला……………
कलेक्टर धनराजू के इस प्रकार अपनी 7 वर्षीय बिटिया के इलाज करवाने के कार्य की लोगों में काफी चर्चा है और लोग चर्चा कर रहे हैं कि अधिकारियों को इतना सहज सरल होना चाहिए जब जब सैकड़ों की संख्या में मरीज जिला चिकित्सालय की ओपीडी में जाकर अपना और अपने बच्चों का इलाज करवा सकते हैं तो फिर कोई अधिकारी क्यों नहीं । ज्ञात हो कि इससे पहले भी यहां पर जिला पंचायत सीईओ के पद पर पदस्थ रहे आईएएस अधिकारी प्रवीण सिंह के द्वारा अपनी धर्म पत्नी की डिलीवरी इसी जिला चिकित्सालय में करवाई थी।
भिण्ड आते की थी धमाकेदार कार्यवाही………..

धनराजू एस की भिंड में चुनाव के दौरान पोस्टिंग हुई थी। नए कलेक्टर धनराजू एस ने आते ही धमाकेदार कार्रवाई कर डाली थी। उन्होंने बीमारी का बहाना बनाकर चुनाव ड्यूटी से बचने की कोशिश करने वाले उद्यान अधिकारी एवं एक अध्यापक को वीआरएस दे दिया था। कलेक्टर ने इसके आदेश भी जारी कर दिए थे। अब दोनों अधिकारियों को किसी भी चुनाव ड्यूटी में नहीं जाना पड़ेगा।
