बता दें कि कार्यवाही के दौरान पुलिस पर पथराव को लेकर थाना प्रभारी सुनील भदौरिया की बड़ी चूक सामने आई है। सूरज नगर छापा मारने के दौरान उन्होंने लोकल पुलिस स्टाफ को शामिल नहीं किया था। साथ कई पुलिस कर्मियों को सिविल में ले जाया गया। जिस कारण पुलिस की यह फजीहत हो गई।
भोपाल/मध्यप्रदेश………….
पुलिस दल पर हमले का मामला सामने आया है। दरअसल, पुलिस सूरज नगर के पास बंजारों के टीले पर गई थी। जैसे ही पुलिस ने एक घर के अंदर घुसी महिलाओं ने पथराव कर दिया। इसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गए और एक का वायरलेस सेट गुम हो गया। इस हमले में शक्ति स्क्वॉड की महिला पुलिस कर्मियों को भागना पड़ा। पथराव में पुलिस के दो वाहन में भी क्षतिग्रस्त हो गए। घटना के बाद पुलिस ने बस्ती के दस लोगों के खिलाफ बलबा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तथा पथराव सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं जा सकी है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
क्या है मामला…………….
जानकारी के अनुसार रातीबड़ थाना प्रभारी सुनील भदौरिया को सूचना मिली थी कि सूरज नगर में भारी मात्रा में बंजारे अवैध तरीके शराब बेच रहे हैं। सूचना के बाद उन्होंने डायल 100 और महिला पुलिस कर्मियों की शक्ति स्कवाड की आधा दर्जन महिला पुलिस कर्मियों के साथ सूरज नगर पहुंचे थे। जहां तलाशी के दौरान पुलिस कर्मी एक घर में घुसे। तभी महिलाओं ने पुलिस कर्मियो पर पथराव कर दिया। पुलिस कर्मी घर से निकलकर भागे जिसको देखकर शक्ति स्क्वाड का पुलिस बल महिला को पकड़ने पहुंचा तो बंजारी महिलाओं ने उन पर भी पथराव कर खदेड़़ दिया। किसी तरह से पुलिस कर्मी अपनी जान बचाकर वहां से भागे।
पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल…………
इस पथराव के दौरान डायल 100 में तैनात हवलदार मोहन लाल और लक्ष्मी शर्मा को चोट लग गई। उनको प्राथमिक उपचार कराया गया। इस भगदड़ में लक्ष्मी शर्मा का वायरलेस सेट भी गुम हो गया, लेकिन पुलिस कर्मी आधे घंटे वायरलेस सेट ढूढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा पाई। इस दौरान पुलिस भागती नजर आई। इस पथराव में डायल 100 में भी महिलाओं ने तोड़फोड़ की। हालांकि घटना के बाद आला पुलिस अफसर और रिजर्व पुलिस बल मौके पर पहुंचा, लेकिन बंजारे घर छोड़कर फरार हो गए थे। जिस कारण से पुलिस के हाथ कोई नहीं आया।
