“बता दें कि मामले में आला अफसरों के गंभीरता दिखाए जाने के बाद पीड़ित दारोगा की तहरीर पर केंद्रीय एससी एसटी आयोग के अध्यक्ष एवं भाजपा प्रत्याशी, दो विधायक व 25-30 अज्ञात भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ धारा 34,186,188,332,353,326,395 171 जी, 123,127 लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया”
इटावा/उत्तरप्रदेश………..
उत्तर प्रदेश की इटावा लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी रामशंकर कठेरिया पर दरोगा को पीटने का आरोप लगा है। सूचना पर पहुंचे एसपी ग्रामीण रामबदन सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बताया कि प्रथम दृष्टया रामशंकर कठेरिया अचार सहिंता उल्लंघन और दरोगा के साथ मारपीट की घटना के दोषी पाए गए हैं, इसलिए इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। एसपी ने पीड़ित दरोगा की तहरीर के आधार पर कानूनी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। पीड़ित दरोगा का आरोप है कि डा. कठेरिया और उनके समर्थकों ने उसका न केवल मोबाइल छीना बल्कि उसके साथ में मारपीट की। उसकी सर्विस रिवाल्वर भी छीनने की कोशिश की। इसके साथ में ही सरकारी कार्य में बाधा भी डाली। वहीं जिला निर्वाचन अधिकारी जे.बी. सिंह के निर्देश पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने देर रात परीक्षण के बाद मुकदमा दर्ज कराया। इस प्रकरण की जांच भरेह थाना प्रभारी शैलेंद्र कुमार को सौंपी गई है। बेहद गंभीर समझे जाने वाले इस प्रकरण की पूरी रिपोर्ट जिला प्रशासन ने चुनाव आयोग को देर रात में ही प्रेषित कर दी है। वहीं, दूसरी ओर भाजपा उम्मीदवार रामशंकर कठेरिया ने अपने ऊपर लगे आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है।
क्या है मामला………..

मामला थाना भरेह क्षेत्र के अंतर्गत पथर्रा गांव का है। पीडिता दरोगा गीतम पाल सिंह ने बताया, ''बुधवार को थाने के सामने से रामशंकर कठेरिया सैकड़ों गाड़ी के काफिले के साथ पथर्रा गांव की ओर जाते हुए दिखाई दिए और गांव में जाकर मंदिर परिसर में नुक्कड़ सभा करने लगे। तभी जब मैं वहां पर पहुंचा तो रामशंकर कठेरिया अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए मुझे अपने पास बुलाने लगे। ''दरोगा ने कहा, ''जब मैंने उनसे सभा की अनुमति दिखाने को कहा गया तो उन्होंने मेरा मोबाइल फोन छीनकर मुझे गाली देते हुए अपने समर्थकों के द्वारा मुझे पीटने का इशारा किया। इसी इशारे पर उनके समर्थकों ने मेरे साथ लात घूसों से पिटाई करना शुरू कर दिया। पिटाई के दौरान किसी तरह अपने हमराही की मदद से वहां से भागकर मैंने अपनी जान बचाई।''

रामशंकर कठेरिया ने बताया कि वह पथर्रा गांव में चुनाव प्रचार कर रहे थे तो गांव में ग्रामीणों के साथ नुक्कड़ सभा कर रहे थे। तभी थाने में तैनात दरोगा गीतम सिंह ने आकर उनसे सभा की अनुमति दिखाने की मांग की। इस बात पर दरोगा जी से मामूली झड़प हुई है, कोई मारपीट नहीं हुई है। एसपी ग्रामीण रामबदन सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया रामशंकर कठेरिया अचार सहिंता उल्लंघन और दरोगा के साथ मारपीट की घटना के दोषी पाए गए हैं, इसलिए इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
इनका कहना……….
मैं गांव में जनसंपर्क कर रहा था, तभी दरोगा पहुंच गए। उन्होंने वीडियो बनाने के दौरान मुझसे और ग्रामीणों से अभद्रता की। ग्रामीणों को धक्का देकर भगाने लगे, तो ग्रामीणों ने भी उनसे धक्कामुक्की कर दी। ग्रामीणों को शांत कराकर मैं वहां से चला गया था।
–रामशंकर कठेरिया, भाजपा प्रत्याशी।
