“बता दें कि युवक को अस्पताल ले जाते समय कांस्टेबल संदीप कुमार की वर्दी खून से लथपत हो गई लेकिन एक माँ के बुढ़ापे के सहारे को सही सलामत बचा लिया”
लखनऊ/उत्तरप्रदेश………..
देखा जाता है कि खाकी पर आए दिन दाग लगते रहतें हैं। लेकिन इसबार इस खाकी के दाग अच्छे हैं क्योंकि ये दाग किसी की जान की हिफाजत करने में लगे हैं। पुलिस आमजनता को सुरक्षित रखने के लिए जान की बाजी भी लगा देती हैं, और अंतिम सांस तक आपकी हिफाजत करती है। यही खाकी का उद्देश्य रहा है,और आगे भी हमेशा रहेगा। कुछ लोग पुलिस की बुराई करने में इतने मशरूफ हो जाते है,की उनके द्वारा किये गए अच्छे कार्य भी नहीं देख पाते। लेकिन इस बहादुर सिपाही की जितनी प्रसंसा की जाए कम है।
क्या है मामला…………

आज लखनऊ मे तैनात सिपाही ने खाखी की शान बढ़ा दी इस बहदुर सिपाही ने युवक की माँ के द्वारा जानकीपुरम पुलिस को सूचना देने पर चीता 2-1 पर तैनात संदीप कुमार मौके पर पहुँच कर खुद ख़ुशी कर रहे युवक को फाँसी के फंदे से उतार कर उसे अस्पताल मे भर्ती करा उसकी जान बचाई। आपको बता दे की युवक ने पुलिस के पहुँचने से पहले नस काटकर युवक खड़ा था। जब पुलिस के आने की खबर सुना तो वह पहले से छत के पंखे पर फांसी का फंदा लगाया था और फांसी लगाने का प्रयास कर ही रहा था ,की मौके पर चीता 2-1 पर तैनात संदीप कुमार पहुँचकर युवक को फंदे से नीचे उतार कर उसे इलाज के लिए अस्पताल पहुँचाया,जहा ड्रॉक्टरो ने उसका इलाज किया और उसे मरने से बचा लिया। वही पुलिस ने अपनी कार्य सैली से जनता का विश्वास तो जीता ही साथ ही एक माँ के बुढ़ापे के सहारे को सही सलामत बचा लिया।
