बता दें कि सिटी कोतवाली थाना में मीडियाकर्मियों के साथ पुलिस के दुर्व्यवहार और थाने में अर्धनग्न अवस्था में खड़ा करने का मामला तूल पकड़ रहा है। देशभर में इसे लेकर चर्चा हो रही है। मामले में सीएम शिवराज सिंह ने संज्ञान में लेकर एसपी से बात की। मामला तूल पकड़ने के बाद थाना प्रभारी और सब इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर किया गया है।
सीधी/मध्यप्रदेश।
सीधी में भाजपा विधायक के खिलाफ खबरें लिखने पर पत्रकार को थाने में बंद करने और कपड़े उतरवाने का मामला सामने आया है। इसको लेकर सीधी पुलिस सवालों के घेरे में है। पुलिसकर्मियों ने अर्धनग्न कर फोटो खीचें और उन्हें वायरल कर दिया। फोटो में पत्रकार कनिष्क तिवारी सहित नौ युवक अंडरवियर में नजर आ रहे हैं। सीधी एसपी मुकेश श्रीवास्तव ने बताया कि मामला सामने आने के बाद थाना प्रभारी मनोज सोनी और एक सब इंस्पेक्टर को लाइन अटैच किया गया है। मामले की जांच के लिए एएसपी को जिम्मेदारी दी गई है।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,पीड़ित पत्रकार कनिष्क तिवारी ने बताया है कि वे शनिवार शाम को कोतवाली के बाहर रंगकर्मी नीरज कंदेर की रिहाई और सरकार के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन की खबर कवर करने गए थे। तभी पुलिसकर्मी प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ उन्हें भी थाने ले गए। आरोप है कि सामाजिक मुद्दों को लेकर कई बार खबरों के माध्यम से उन्होंने विधायक को घेरा था। इसलिए पुलिस उन्हें पकड़कर थाने ले गई। वहां लेकर पुलिसकर्मियों ने मेरे और प्रदर्शन करने वाले आठ लोगों के कपड़े उतरवाकर फोटो खींचे और उन्हें वायरल कर दिया।
कनिष्क ने आरोप लगाया कि कोतवाली में थाना प्रभारी मनोज सोनी ने कहा कि तू और खबर चलाएगा विधायक की, अगर फिर दोबारा तूने ऐसा किया तो तेरे साथ ऐसा ही सलूक किया जाएगा। फोटो में दिख रहे एक युवक का आरोप है कि अमिलिया के थाना प्रभारी ने अपने मोबाइल से फोटो खींचे थे। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ केस दर्ज किया है।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला
सीधी विधायक पं.केदारनाथ शुक्ला के विधायक पुत्र गुरुदत्त शरण पर अभद्र टिप्पणी करने के बाद यह पूरा मामला शुरू हुआ। गुरुदत्त शरण के खिलाफ अनुराग मिश्रा नाम की आईडी से पोस्ट किया गया था। इस आईडी से करीब एक महीने से पोस्ट और कमेंट किए जा रह थे। थाने में शिकायत के बाद पुलिस ने शुक्रवार को रंगकर्मी व इंद्रवती नाट्य समिति संचालक नीरज कुंदेर को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि नीरज ही अनुराग मिश्रा नाम की आईडी से पोस्ट व कमेंट कर रहा था। यह सभी लोग इसी मामले में नीरज की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। नीरज इस मामले में जेल में है। गुरुवार को भी अनुराग मिश्रा की आईडी पोस्ट किए गए।
दूसरे थाने के प्रभारी ने फोटो खींचकर की वायरल

वायरल फोटो में रंगकर्मी व इंद्रवती नाट्य समिति का सह संचालक रोशनी प्रसाद मिश्रा भी है। उनका कहना है कि हमारी फोटो सीधी से 45 किलोमीटर दूर अमिलिया के थाना प्रभारी अभिषेक सिंह परिहार ने खींची थी। इसके बाद उन्होंने फोटो वायरल कर दी। रोशनी ने फोटो को लेकर मानवाधिकार आयोग में आवेदन दिया है। मामले को लेकर कांग्रेस व वरिष्ठ समाजसेवियों ने नाराजगी जताई है।
इनका कहना
सीधी पुलिस अधीक्षक मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि आईटी एक्ट के तहत पकड़े गए एक आरोपी के समर्थन में कुछ लोग थाने के बाहर माहौल बनाए हुए थे। पुलिस ने कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन वो नहीं माने। महौल बिगाड़ने पर पुलिस ने हिरासत में लेकर उन्हें लॉकअप के अंदर बंद कर दिया गया था। अगली सुबह उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां उनकी जमानत हो गई थी।
कांग्रेस ने निशाना साधा कलेक्टर और एसपी को हटाने की मांग
सभ्य समाज में इस तरह का कृत्य क़तई उचित नही ठहराया जा सकता है….
वो भी मीडिया से जुड़े लोगों के साथ…?
किसी ने अपराध किया हो तो उस पर क़ानून के तहत कार्यवाही हो..कुछ छोटे अधिकारियों पर की गयी कार्यवाही नाकाफ़ी है , घटना गंभीर ,सीधी ज़िले के कलेक्टर व एसपी को तत्काल हटाया जावे। pic.twitter.com/JqxZqNSWeP
— Narendra Saluja (@NarendraSaluja) April 7, 2022
