छिंदवाड़ा/जबलपुर/मप्र।
मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारियों कर्मचारियों पर लोकायुक्त की दबिश लगातार जारी है बावजूद इसके रिश्वतखोर एक भी मौका घूसखोरी का अपने हाथ से गवाना नहीं चाहते।
ऐसे ही दो घूसखोरों पर आज जबलपुर लोकायुक्त की गाज गिरी है।
छिंदवाड़ा कलेक्ट्रेट में लोकायुक्त जबलपुर टीम ने आदिम जाति कल्याण विभाग छिंदवाड़ा में पदस्थ महिला लेखापाल (accountant) संगीता झाड़े पति प्रमोद झाड़े को 25 हजार रूपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा।
दरअसल आदिवासी विकास विभाग में पदस्थ अकाउंटेंट संगीता झाड़े आज एक प्रकरण में जन्म तिथि बदलवाने के लिए एक प्रकरण में 25 हजार रूपये की रिश्वत ले रही थी जिसकी शिकायत पर आज लोकायुक्त की टीम ने दबिश देकर 25 हजार रूपये लेते हुए उन्हें गिरफ्तार किया।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,लोकायुक्त निरीक्षक स्वनिल दास के अनुसार आवेदक नीलेश सूर्यवंशी पिता गंगाराम सूर्यवंशी उम्र 32 वर्ष निवासी लहगडुआ ने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी की
जनजातीय कार्य विभाग में आवेदक के पिता गंगाराम सूर्यवंशी आदिवासी बालक छात्रावास में चपरासी के पद पर पदस्थ थे जिनका त्रुटि वाली सेवा पुस्तिका के हिसाब से जून 2022 में रिटायरमेंट होना था लेकिन वास्तव में उनका रिटायरमेंट 2 साल बाद होना चाहिए था इसलिए इसको सुधरवाने के लिए प्रार्थी से लेखापाल ने रिश्वत मांगी थी। आरोपी महिला अकाउंटेंट ने कुल 80 हजार रूपये की रिश्वत मांगी थी। लोकायुक्त टीम ने रणनीति के तहत आज जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में दबिश दी तथा 25 हजार की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त पुलिस ने महिला अकाउंटेंट संगीता झाड़े को रंगे हाथ पकड़ा।
इस कार्रवाई में लोकायुक्त के 3 निरीक्षक 5 कांस्टेबल में शामिल रहे इनमें प्रभारी निरीक्षक स्वप्निल दास, निरी , मंजू किरण तिर्की, निरी ,भूपेंद्र दीवान, आरक्षक जुवेद खान, अतुल श्रीवास्तव, विजय बिष्ट, लक्ष्मी रजक, सुरेंद्र राजपूत थे।
संभागीय उपायुक्त जनजाति तथा अनुसूचित जाति विकास का लिपिक रिश्वत लेते गिरफ्तार

जबलपुर/मध्यप्रदेश।
जबलपुर के कार्यालय संभागीय उपायुक्त जनजाति तथा अनुसूचित जाति विकास जबलपुर में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 के लिपिक (clerk) मनीष परते को आज मंगलवार को लोकायुक्त की टीम द्वारा रंगे हाथ 5 हजार पुलिस की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,लोकायुक्त पुलिस के मुताबिक टिकरिया तहसील नारायनगंज निवासी पवन झारिया की पत्नी आरती झारिया का व्यापम की परीक्षा शिक्षक वर्ग 2 में मंडला के लिए चयन हुआ था। जिसका आदेश कार्यालय संभागीय उपायुक्त जनजाति तथा अनुसूचित जाति विकास से होना था।
जहां संभागीय उपायुक्त विभाग में कार्यरत लिपिक मनीष परते द्वारा 10 हजार रुपए की प्रारंभ में मांग की गई थी। जिसकी शिकायत के बाद लोकायुक्त ने कार्यालय संभागीय उपायुक्त में छापा मारते हुए लिपिक को रंगे हाथ 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। लोकायुक्त की कार्रवाई से कार्यालय में दहशत का माहौल बन गया।
