बता दें कि थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह परिहार समेत दो पुलिसकर्मियों प्रधान आरक्षक जयप्रकाश सिंह और आरक्षक राजकुमार को 6 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से पुलिस महकमें में हड़कम्प मच गया है। माना जा रहा है कि पकड़े थाना प्रभारी सहित अन्य स्टाफ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई हो सकती है।
रीवा/मध्यप्रदेश।
रिश्वतखोर पुलिस कर्मियों पर लोकायुक्त का शिकंजा दिनों दिन कसता जा रहा है पर रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहें हैं।
ताज़ा मामला मध्यप्रदेश के रीवा जिले से है जहाँ लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने यहां थाना प्रभारी समेत दो पुलिसकर्मियों को रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। लोकायुक्त ने रिश्वत खोरों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,शिकायत कर्ता मुनीष कुमार पटेल पिता महेंद्र कुमार पटेल निवासी मढ़ा तहसील रामपुर नैकिन जिला सीधी ने रीवा लोकायुक्त में शिकायत की थी।
जिसके बाद यहां रीवा लोकायुक्त टीम ने थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह परिहार समेत दो पुलिसकर्मियों प्रधान आरक्षक जयप्रकाश सिंह और आरक्षक राजकुमार प्रजापति को 6 हजार रुपए की रिश्वत (Bribe) लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गोविंदगढ़ थाना पुलिस सोन नदी के रेत तस्कर से 4 डंपर का 12 हज़ार रुपए महीना लेते थे और अब 15 हज़ार की मांग करने लगे थे।
इसके बाद एसपी ने डीएसपी प्रवीण सिंह परिहार के नेतृत्वं में एक टीम का गठन करके रिश्वत के खिलाफ आज सुबह बड़ी कार्रवाई की है।
गोविंदगढ़ में यह दूसरी बड़ी कार्रवाई
ज्ञात हो कि गोविदगढ़ थाना स्टाफ के खिलाफ लोकायुक्त की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई की गई है। इसके पूर्व भी थाना प्रभारी सहित उनके स्टाफ को लोकायुक्त ने रिश्वत लेते पकड़ा था। वही एक बार फिर उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार, निरीक्षक प्रमेंद्र कुमार व 20 सदस्यीय टीम ने गोविंदगढ़ पुलिस स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की है।
लोकायुक्त की इस कार्रवाई से पुलिस महकमें में हड़कम्प मच गया है। वही माना जा रहा है कि पकड़े थाना प्रभारी सहित अन्य स्टाफ के खिलाफ विभागीय गाज भी गिर सकती है।
