बता दें कि राजस्व निरीक्षक मिश्रीलाल को भरोसा था कि संदीप उसे घूस देगा। यही वजह रही कि उसने उसके प्लाॅट की एनओसी बना रखी थी। रिश्वत लेने के बाद वह एनओसी देता, इससे पहले टीम ने ट्रैप कर लिया। टीम मिश्रीलाल के बैंक खातों, संपत्ति की जांच भी करेगी। इधर, राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी एक्शन करेंगे।
भोपाल/मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश में घूसखोरों पर लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी है। रिश्वतखोर के ऊपर लोकायुक्त का शिकंजा कसा हुआ है।
इसी बीच राजधानी भोपाल से बड़ी खबर आई है। जहाँ राजस्व निरीक्षक ( RI ) को 10 हजार रुपए घूस लेते गिरफ्तार किया है। भोपाल लोकायुक्त ( Bhopal Lokayukt) ने शिकायत के बाद कार्रवाई करते हुए राजस्व निरीक्षक मिश्रीलाल अग्रवाल को रंगे हाथ 10 हजार रुपए रिश्वत देते हुए गिरफ्तार कर किया है। पुलिस ने उनकी इस कार्रवाई को लेकर जिला कलेक्टर से लेकर राजस्व विभाग को जानकारी भेज दी है।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,एसपी लोकायुक्त मनु व्यास के मुताबिक संदीप बाथम पिता गणेश बाथम निवासी भोईपुर भोपाल ने कार्यालय आकर एक शिकायत आवेदन दिया था। इसमें भाई के प्लाट पर निर्माण के लिए तैयार एनओसी देने के एवज में राजस्व निरीक्षक मिश्रीलाल अग्रवाल द्वारा रिश्वत राशि 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। आवेदन के सत्यापन के उपरांत कार्यवाही करते हुए मंगलवार को अनुविभागीय अधिकारी शहर भोपाल के कार्यालय के बाहर चाय की दुकान पर आरोपित मिश्रीलाल अग्रवाल राजस्व निरीक्षक बरखेड़ी क्षेत्र को आवेदक संदीप बाथम के द्वारा रिश्वत देते हुए लोकायुक्त टीम ने रंगे हाथों पकड़ा।
पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त भोपाल के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। लोकायुक्त की इस कार्रवाई में निरीक्षक मयूरी गौर, निरीक्षक नीलम पटवा, निरीक्षक विकास पटेल एवं अन्य टीम सदस्य के साथ कार्यालय एसडीएम शहर वृत में कार्यवाही जारी है। लोकायुक्त ने इस पूरी कार्रवाई की जानकारी को बेहद गोपनीय रखा गया था। ताकि इस बारे में किसी को कोई खबर ना लग सके। राजस्व निरीक्षक मिश्रीलाल की संपति की जानकारी जुटाने में पुलिस की टीम लगी है। उनकी वेतन का रिकार्ड भी मांगा जा रहा है।
