बता दें कि सोमवार सुबह आरक्षक रविकांत पांडेय का शव खुरई ग्रामीण थाना क्षेत्र के ग्राम बमनौरा के पास रेलवे ट्रैक पर क्षत-विक्षत अवस्था में दो टुकड़ों में पड़ा मिला है। शव देख आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। खुरई ग्रामीण थाना प्रभारी शैलेंद्र राजावत टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शव का पंचनामा बनाया और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया है। सूत्रों के मुताबिक आरक्षक रविकांत पांडेय कुछ दिन से डिप्रेशन में था।
सागर/मध्यप्रदेश।
सिहोरा पुलिस चौकी में पदस्थ लापता आरक्षक रविकांत पांडेय का शव दो टुकड़ों में सोमवार को रेलवे ट्रैक खुरई पर मिला। आरक्षक की बाइक और उसके पास रखे जब्ती के दो कट्टे कारतूस व अन्य सामान भी बरामद हुए हैं। शव खुरई ग्रामीण थाना क्षेत्र के बमनौरा गांव के पास रेलवे ट्रैक पर मिला। इससे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। जहां मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि राहतगढ़ थाना क्षेत्र की सिहोरा पुलिस चौकी में पदस्थ पुलिस आरक्षक रविकांत पांडेय रविवार दोपहर से चौकी के जब्ती के दो देशी कट्टे, करीब 22 कारतूस और केस डायरी के साथ लापता हुआ था। जिसकी आखिरी लोकेशन कर्रापुर चौकी क्षेत्र के ग्राम पथरिया व्यास में मिली थी। जांच के दौरान मौके से पुलिस ने जब्ती के दौरान हथियार पर लपेटे जाने वाले कपड़े बरामद किए थे। वहीं आरक्षक की तलाश की जा रही थी।
वहीं जांच के दौरान मृतक आरक्षक की बाइक रेलवे ट्रैक के पास खड़ी मिली है। साथ ही जब्ती के हथियार भी बरामद किए गए हैं। मामले में पुलिस जांच कर रही है। आरक्षक की मौत का कारण पीएम रिपोर्ट के बाद ही
साफ होगा कि मामला हत्या का है या आत्महत्या का।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,राहतगढ़ थाना क्षेत्र की सिहोरा पुलिस चौकी में पदस्थ आरक्षक जब्ती के दो कट्टे, 22 कारतूस और केस डायरी के साथ बहेरिया थाना क्षेत्र से लापता हो गया था। इसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर तलाश की जा रही थी। विनायका मार्ग पर हथियार और कारतूस में सीलबंद किया गया कपड़ा पुलिस को जरूर मिला है, लेकिन आरक्षक का कोई सुराग हाथ नहीं लगा था। जानकारी के मुताबिक सिहोरा चौकी में पदस्थ आरक्षक रविकांत पांडेय कर्रापुर के तिंसुआ गांव का निवासी है। शनिवार को वह पुलिस चौकी से अपने गांव के लिए निकला था। गांव से वापस आते समय उसे चौकी में जब्त किए गए दो देसी कट्टे और 35 कारतूस और केस डायरी को जिला कोर्ट में जमा करना था। रविवार की सुबह वह घर से तो निकला, लेकिन थाने नहीं पहुंचा। काफी देर तक जब वह पुलिस चौकी नहीं आया तो स्टाफ से उसके मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया, लेकिन उसका मोबाइल बंद बताया। इसके बाद उसके स्वजनों से संपर्क किया गया। परिजनों ने भी आरक्षक की जानकारी होने पर अनभिज्ञता जताई। इसके बाद कर्रापुर पुलिस चौकी से संपर्क कर इसकी सूचना दी गई। पुलिस ने आरक्षक के मोबाइल की अंतिम लोकेशन पथरिया व्यास गांव की मिली थी। आरक्षक की तलाश की गई थी विनयका मार्ग पर ही पथरिया व्यास गांव के पास जब्ती के दौरान हथियार के साथ लपेटे गए कपड़े मिले। लेकिन हथियार, कारतूस और केस डायरी के साथ निकले आरक्षक का कोई पता नहीं चला। स्वजनों की रिपोर्ट में कर्रापुर पुलिस चौकी में आरक्षक की गुमशुदगी का मामला कायम कर उसकी तलाश शुरू कर दी गई थी।
इनका कहना
पुलिस के अनुसार लापता होने से पहले आरक्षक रविकांत ने अपने चचेरे भाई को मोबाइल फोन पर मैसेज किया था। जिसमें उसने लिखा था कि माता-पिता का ख्याल रखना, मुझे यहां से उठाकर ले जाना। इस संदेश के साथ ही उसने अपनी मोबाइल लोकेशन भी चचेरे भाई को भेजी थी।
