बता दें कि इस घटना के बाद सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव शोक संवेदना जताने पुजारी यादव के घर गए थे। उन्होनें इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की थी। मामले में धारा 302 के तहत 9 पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज किया गया था। इसमें बक्सा के थानाध्यक्ष अजय सिंह, एसओजी प्रभारी पर्व कुमार सिंह समेत 9 पुलिसकर्मियों के नाम थे।
जौनपुर/उत्तरप्रदेश।
उत्तरप्रदेश के जौनपुर जिले में पुलिस कस्टडी में युवक की मौत और घर में लूटपाट के मामले में सुनवाई करते हुए सीजेएम कोर्ट ने 9 आरोपियों के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किया है। सभी आरोपी फिलहाल फरार हैं। जिले के बक्शा थाने के अंतर्गत चकमिर्जापुर गांव में पुजारी यादव की 12 फरवरी को पुलिस अभिरक्षा में मौत हो गई थी। इसके बाद उसके परिवार वालों ने न्याय के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। न्यायालय ने 9 पुलिसकर्मियों के ऊपर 302 के तहत मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। सीजेएम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए। कोर्ट ने तत्कालीन थानाध्यक्ष सहित नौ पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। बता दें कि फरार चल रहे सभी पुलिसकर्मी घटना के बाद निलंबित कर दिए गए थे। मामले की विवेचना कर रहे क्षेत्राधिकारी बदलापुर ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया कि आरोपितों का पता नहीं चल रहा है। इससे विवेचना प्रभावित हो रही है।
इन सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सीजेएम ने गिरफ्तारी का आदेश दिया है
पुजारी की मौत के बाद काफी विवाद हुआ। जिसके बाद 12 फरवरी को इस हंगामे के बाद पुजारी यादव के भाई अजय यादव की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। इसमें आरोपित बनाए गए तत्कालीन थानाध्यक्ष अजय कुमार सिंह, एसओजी प्रभारी पर्व कुमार सिंह, कांस्टेबल कमल बिहारी बिंद, जितेंद्र सिंह, राजकुमार वर्मा, श्वेत प्रकाश सिंह, राजन सिंह, जयशील प्रसाद तिवारी, अंगद प्रसाद चौधरी
क्या था पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,बख्शा थाना क्षेत्र के चकमिर्जापुर निवासी कृष्ण कुमार यादव उर्फ पुजारी (32 वर्ष) को पुलिस ने एक लूट के मामले में हिरासत में ले लिया था। कड़ाई से पूछताछ के दौरान पुजारी की मौत हो गयी थी। इस मौत को लेकर समाजवादी पार्टी के लोगों ने काफी हंगामा व धरना प्रदर्शन किया था। इसके बाद पुलिस सक्रिय हुई।
इस मामले में कृष्ण कुमार के भाई अजय कुमार यादव ने एसओजी टीम, एसओ व हमराहियों के खिलाफ इस आरोप के साथ केस दर्ज कराया था। जिसमें आरोप था कि 11 फरवरी 2021 को 3 बजे दिन पुलिस टीम वादी के घर पर आए। उसके भाई कृष्ण कुमार यादव उर्फ पुजारी को पकड़कर थाने ले गए। जबकि भाई के विरुद्ध कोई किसी थाने में अपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं था।सपा कार्यकर्ता पुजारी यादव प्रधानी का चुनाव लड़ना चाहता था। पुलिसकर्मी पुजारी को फर्जी मुकदमे में फंसाने की नीयत से थाने पर बैठाए रखा। रात आठ बजे एसओ व पुलिसकर्मी तलाशी के नाम पर वादी के घर में घुसकर बक्से का ताला तोड़कर साठ हजार रुपये व सामान उठा ले गए। मना करने पर महिलाओं को गालियां दी। पुन: साढ़े बारह बजे रात एसओजी प्रभारी व एसओ हमराहियों के साथ बोलेरो व मोटर साइकिल से भाई को मेरे घर लेकर आए। मेरा भाई खड़ा नहीं हो रहा था। जोर जोर चिल्ला रहा था कि मां मुझे बचा लो।
पुलिस वाले मुझे जान से मार देंगे। घर पर रखी मोटरसाइकिल भी उठा ले गए। भाई ने तहरीर में बताया कि मैं थाने पर गया तो पुलिस वालों ने भाई से मिलने नहीं दिया। सुबह सूचना मिली कि पुलिस कस्टडी में मेरे भाई की मौत हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस वालों ने मेरे भाई की हत्या की है। वादी की शिकायत पर आरोपित पुलिस वालों के खिलाफ हत्या व लूट समेत अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ था। जिसकी विवेचना क्षेत्राधिकारी बदलापुर को मिली थी।
ग्रामीणों ने हाईवे जाम कर पुलिस पर किया था पथराव
वहीं, घटना के बाद पुलिस कर्मियों के अस्पताल में शव फेंककर भाग जाने से आक्रोशित ग्रामीणों ने 12 फरवरी को सुबह करीब 6 घंटे तक इब्राहिमाबाद मोड़ पर जौनपुर-रायबरेली हाईवे जाम कर पथराव किया था। इसमें सीओ जितेंद्र दुबे, एसआइ जय सिंह सिर में पत्थर लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। आधा दर्जन अन्य पुलिसकर्मी चोटिल हुए थे।
