गौरतलब है कि पुलिस जब आरोपितों को पकड़कर कोतवाली पहुंची तो कोतवाल और कुछ पुलिसकर्मियों के मोबाइल की घंटी बजना शुरू हो गई। आरोपितों को बचाने के लिए कई अधिकारियों और नेताओं के फोन आने लगे। इससे आहत होकर कुछ पुलिसकर्मियों ने बताया कि इन युवकों को बचाने के लिए अब नेताओं और अधिकारियों के फोन आने लगे हैं। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि इन युवकों पर तो कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन अब इनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं हो पाएगी, क्योंकि अब ऊपर से दबाव है।
नोएडा/उत्तरप्रदेश………….
आम जनता पुलिसकर्मियों की सिंघम छवि देखना चाहती है। लेकिन देश की गंदी राजनीति के चलते वह कितने दबाब में काम करती है इसका जीवंत उदाहरण यूपी के नोएडा में देखने को मिला जहाँ नोएडा में कुछ रईसजादों ने जमकर पुलिस पर सितम ढाया। सोचने योग्य बात ये है कि इसकी जगह अगर कोई आम आदमी होता तो सालों लग जाते उसे बाहर आने में क्या बड़े-बड़े पदों पर बैठे अधिकारियों के लिए अपने अधीनस्थों का मान सम्मान कोई अहमियत नही रखता।
आरोप है कि एक पूर्व आईएएस के बेटे ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर सेक्टर 122 में पुलिस की पीसीआर वैन पर हमला बोलते हुए वैन के शीशे तोड़ डाले। इसके साथ ही वहां से गुजर रहे आम लोगों की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की। पुलिस का आरोप है कि हमले के दौरान कानून को ठेंगा दिखाने वालों ने दारोगा के गले मे रस्सी डाल कर खींचा और थाने में लगे कम्प्यूटर भी तोड़ दिए। बताया जाता है कि इन लोगों का मन जब इतने से भी नहीं भरा तो महिला कांस्टेबल के साथ भी बदतमीजी करते हुए उसके बाल खींचे और सड़क पर पटक दिया। खबरों के मुताबिक फिलहाल पुलिस ने 3 आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस का कहना है कि ये आरोपी खुद को आईएएस का बेटा और आईआईएम टॉपर बता रहे थे।
क्या है मामला………….
सेक्टर 122 में रिटायर्ड आईएएस के बेटे और उसके दोस्त ने शनिवार को बीच सड़क पर जमकर बवाल काटा। रईसजादों ने शराब के नशे में सड़क पर जा रहे एक बाइक सवार युवक को रोककर उस पर पिस्टल तान दी। विरोध करने पर उसकी बाइक का शीशा तोड़ दिया। जब पीड़ित युवक उनसे छूटकर भागा तो दोनों आरोपी करीब 200 मीटर तक पिस्टल लेकर उसके पीछे दौड़ पड़े। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जब शराब के नशे में धुत युवकों को समझाने की कोशिश की तो वह उनसे भी उलझ पड़े। इन युवकों ने पुलिसकर्मी के साथ भी मारपीट शुरू कर दी। इन लोगों ने पुलिस की पीसीआर का शीशा तोड़ दिया। इसके बाद महिला कांस्टेबल के बाल पकड़कर उसे सड़क पर गिरा दिया। इसके बाद आधा दर्जन पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और दोनों आरोपियों को काबू कर कोतवाली फेस थ्री लेकर पहुंचे। पुलिस ने शांति भंग के आरोप में दोनों का चालान कर दिया है। मूलरूप से इलाहाबाद निवासी आरोपी रिषभ त्रिपाठी सेक्टर 122 के बी-158 में दोस्त अमित के साथ रहते हैं। रिषभ सेक्टर 63 स्थित एक अमेरिकन कंपनी में वाइस प्रेसिडेंट हैं, जबकि अमित रिक्रूटर है। दोनों यहां किराए पर रहते हैं।

पीसीआर का शीशा तोड़ा पुलिसकर्मी को निलंबित कराने की धमकी दी………….
स्थानीय निवासी सतीश ने बताया कि उन्होंने पुलिस को बुला लिया। पुलिस ने दोनों युवकों को थाने चलने के लिए कहा, तो उन्हें निलंबित कराने की धमकी देने लगे। इसके बाद पुलिस दोनों को पीसीआर में बैठाने की कोशिश की, तो उन्होंने पीसीआर का शीशा तोड़ते हुए पुलिस के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद कोतवाली से कुछ पुलिसकर्मी पीसीआर और इनोवा कार से पहुंचे और दोनों को हथकड़ी पहना कर इनोवा कार में बैठा दिया। आरोप है कि एक युवक ने हथकड़ी लगे हाथ को चालक के गले में डाल कर गला घोंटने की कोशिश की। हालांकि, अन्य पुलिसकर्मियों ने किसी तरह चालक को मुक्त कराया और कोतवाली लाए।
महिला कांस्टेबल को भी नही छोड़ा………..
युवकों को समझाने पहुंची एक महिला कांस्टेबल के साथ भी आरोपितों ने अभद्रता की। आरोपित रिषभ महिला कांस्टेबल के बाल पकड़कर उसे उठा लिया। इसके बाद उसे सडक पर गिरा दिया। इससे गुस्साई महिला कांस्टेबल ने भी आरोपित को कई चांटे रसीद कर दिए, जिसके बाद आरोपित का कुछ नशा कम हुआ।
पुलिसकर्मियों पर दबाब होने के कारण सिर्फ खाना पूर्ति की………….
स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपियों ने उनके साथ-साथ पुलिसकर्मियों के साथ भी मारपीट और बदसलूकी की। साथ ही महिला कांस्टेबल के साथ भी मारपीट की। यहीं नहीं जान से मारने की नियत में एक युवक के पीछे पिस्टल लेकर दौड़ पड़े। इसके बावजूद दोनों युवकों को सिर्फ शांति भंग में चालान किया गया। आरोप है कि ऐसा सिर्फ इसलिए किया गया क्योंकि एक आरोपित के पिता रिटायर्ड आईएएस और दूसरे के रिश्तेदार सत्तारूड़ पार्टी में उंचे पद पर हैं। पुलिस वालों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर ये दर्द बयां किया।
