भोपाल/दिल्ली/मप्र………….
कांग्रेस 15 साल बाद सरकार बनाने जा रही है। कमलनाथ को विधायक दल का नेता चुनने के बाद मुख्यमंत्री घोषित किया गया है। वहीं मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जा रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया को सीएम नहीं बनाये जाने से उनके समर्थक नाराज हैं और मध्य प्रदेश के 30 से ज्यादा विधायक सिंधिया के दिल्ली स्तिथि निवास पर धरने पर बैठ गए। ग्वालियर चम्बल और मालवा क्षेत्र के यह विधायक हैं, जो सिंधिया को सीएम नहीं बनाये जाने से नाराज हैं और कम से कम प्रदेश अध्यक्ष बनाये जाने की मांग कर रहे हैं।
क्या है मामला……………
मध्य प्रदेश से कई विधायक सिंधिया के दिल्ली स्तिथि निवास पर पहुँच गए और धरना प्रदर्शन करने लगे। मप्र से दिल्ली पहुंचे इन विधायकों का कहना है कि जनता ने सिंधिया के नाम पर वोट दिए हैं, भाजपा की कब्जे वाली सीट पर भी सिंधिया के नाम पर जनता ने कांग्रेस को जिताया है, अब हम क्षेत्र में किस मुँह से जाएँ। क्योंकि ज्योतिरादित्य सिंधिया को मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया है। इसके बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया को कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग उठ गई है। सिंधिया के घर पहुंचे कुछ विधायकों का कहना है कि सिंधिया को या तो कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष या डिप्टी सीएम बनाया जाए। विधायकों का कहना है कि अगर 2019 में राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाना है तो हमारे ज्योतिरादित्य सिंधिया को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और डिप्टी सीएम बनाया जाए। वहीं कुछ का कहना है कि सिंधियाजी को सीएम नहीं बनाया गया तो हम कमलनाथ की नेतृत्व वाली सरकार का समर्थन नहीं करेंगे। कांग्रेस के सिंधिया समर्थक विधायकों की इस मांग ने कांग्रेस के अंदर एक बार फिर तूफान खड़ा कर दिया है और कांग्रेस आलाकमान इसका क्या समाधान निकालेगा यह देखने वाली बात है।
कहीं बनने से पहले ही बिगड़ ना जाए कांग्रेस का खेल
विधायकों ने धमकी दी…………..

मध्य प्रदेश के नवनियुक्त मुख्य मंत्री कमलनाथ 17 दिसंबर को शपथ ग्रहण करेंगे लेकिन उससे पहले ही एक राजनीतिक घटनाक्रम ने कांग्रेसी खेमे में खलबली मचा दी है। दरअसल ज्योतिरादित्य सिंधिया को मुख्यमंत्री या प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने की मांग को लेकर उनके समर्थक विधायकों ने दिल्ली स्थित निवास पर डेरा डाल दिया है। डेढ़ दर्जन से ज्यादा विधायक ये मांग कर रहे हैं कि सिंधिया को डिप्टी सीएम बनाने के साथ-साथ प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया जाए। ऐसा ना होने की स्थिति में इन सभी विधायकों ने धमकी दी है कि वे राज्यपाल आनंदीबेन को अपने हस्ताक्षर युक्त कागज फैक्स करेंगे जिसमें कमलनाथ सरकार को समर्थन न देने की बात होगी। विधायकों की धमकी के बाद राजनीति में हड़कंप मच गया है और सिंधिया जरूर अपने समर्थक विधायकों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन विधायक मान नहीं रहे हैं। विधायक ने कल दोपहर बारह बजे तक का अल्टीमेटम दिया है। अब देखना यह होगा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी इस मामले में क्या निर्णय लेते हैं।
