ग्वालियर/मध्यप्रदेश……………
रेलवे पुलिस बल के दो सिपाहियों ने इंसानियत की मिसाल पेश की है। ग्वालियर में दो सिपाहियों राजकुमार तोमर और हरकिशन यादव ने जिंदगी और मौत के बीच प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक महिला यात्री को अपना खून देकर उसे नई जिंदगी दी। ट्रेन में प्रसव पीड़ा के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव के कारण महिला के गर्भ में ही उसके बच्चे की मौत हो गई। फिलहाल महिला का इलाज ग्वालियर के कमलाराजा अस्पताल में हो रहा है। रेलवे पुलिस के इन सिपाहियों की दरियादिली से पुलिस अधिकारियों का सीना गर्व से चौड़ा हुआ है। रेलवे पुलिस के थाना प्रभारी ने दोनों सिपाहियों के कार्य से खुश होकर सम्मानित किये जाने का प्रस्ताव वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा है।
क्या है मामला………….
दरअसल विशाखापट्टनम से निजामुद्दीन स्टेशन की ओर जा रही समता एक्सप्रेस में सफर कर रही गोंदिया महाराष्ट्र निवासी आयुष अपनी पत्नी नैना (25) के साथ समता एक्सप्रेस से गोंदिया से निजामुद्दीन का सफर कर रहे थे। दंपत्ति एस-5 कोच में 55 नंबर बर्थ पर सवार थे। महिला को 6 माह का गर्भ था। अचानक ट्रेन में महिला की हालत बिगड़ने लगी। महिला की झांसी के पास अचानक तबियत बिगड़ गई पति के साथ सफर कर रही महिला को अचानक दर्द होने लगा तो उसके पति ने ट्रेन में मौजूद आरपीएफ स्टाफ से मदद मांगी। आरपीएफ स्टाफ ने ग्वालियर आरपीएफ थाने को कंट्रोल के माध्यम से सूचना दी जिसके चलते दोपहर 12:30 बजे समता एक्सप्रेस जैसे ही ग्वालियर स्टेशन पहुंची तो उसे सब इंस्पेक्टर और दो आरपीएफ के जवान उसे लेने स्टेशन पहुंचे। प्रसव पीड़ा से महिला का खून काफी बह जाने से उसकी हालत काफी गंभीर हो गई थी। इस दौरान आरपीएफ ने तुरंत एंबुलेंस बुलाकर महिला को कमलाराजा अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन बच्चे को नहीं बचाया जा सका वहीं महिला को दो सिपाहियों ने अपना खून देकर जान बचाई
सिपाहियों का होगा सम्मान…………
ग्वालियर रेलवे पुलिस बल के थाना प्रभारी आनंद पाण्डेय ने बताया कि सिपाहियों राजकुमार तोमर और हरी किशन यादव का मानना है कि इंसान को अपने कर्तव्यों को कभी नहीं भूलना चाहिए। दोनों ने अपने पुलिस साथियों से भी अपील की है कि वो समाज के लिए भी कुछ ऐसा करें जिससे रेलवे पुलिस विभाग की मानवतावादी छवि बन सके। रेलवे पुलिस के अफसरों को इस बात पर गर्व है कि विभाग में ऐसे कई लोग हैं जो मानवता की मिसाल पेश करते हैं। अब अफसर अपने वरिष्ठों को प्रस्ताव भेज दोनों सिपाहियों को सम्मानित करने की बात कर रहे हैं।
