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स्वयंभू संत रामपाल हत्या के दोनों मामलों में दोषी करार,16-17 को सज़ा सुनाएगी कोर्ट

कानून व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के लिए राजस्थान, पंजाब, मध्यप्रदेश और हरियाणा से विभिन्न हिस्सों से हिसार आने वाली ट्रेनों के परिचालन पर भी रोक लगाई गई। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रैपिड एक्शन फोर्स की कंपनियां भी तैनात की।



हिसार/हरियाणा…………..


हिसार के सतलोक आश्रम वाले संत रामपाल पर सेशन कोर्ट ने आज फैसला सुना दिया। हिसार कोर्ट ने रामपाल को दोनों मामले में दोषी करार दिया। इन मामलों में 16-17 अक्टूबर को सजा सुनाई जाएगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए फैसला आने से पहले हिसार और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी की गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट से तीन किलोमीटर का सुरक्षा घेरा लगा हुआ था। रामपाल पर 24 अगस्त को फैसला आना था लेकिन राम रहीम के मामले को देखते हुए सुरक्षा कारणों से इसे टाल दिया गया था। वहीं रामपाल पर देशद्रोह के मामले में 19 नवंबर को सुनवाई होगी।


क्या है मामला………….


हिसार के डीसी एके मीना ने कहा कि आज कोर्ट ने दो मामलों में स्वयंभू गॉडमैन रामपाल के खिलाफ फैसला सुनाया। एफआईआर नंबर 429 पर 16 अक्टूबर को और एफआईआर नंबर 430 पर 17 अक्टूबर को सजा सुनाई जाएगी। 17 अक्टूबर तक इलाके में धारा 144 और सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे।

एफआईआर नंबर 429 के मुताबकि नवंबर 2014 में बरवाला के सतलोक आश्रम में रामपाल के समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प के दौरान वह और उसके 15 समर्थकों पर चार महिलाओं और एक बच्चे की हत्या करने का आरोप है। एफआईआर नंबर 430 के मुताबिक रामपाल और उसके 13 समर्थकों पर नवंबर 2014 में बरवाला के सतलोक आश्रम में रामपाल के समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प के दौरान आश्रम के भीतर एक महिला की हत्या का आरोप है।


कौन है संत रामपाल………..



स्वयंभू संत रामपाल मूल रूप से सोनीपत में गोहाना तहसील के धनाना गांव का रहने वाला है। वह हरियाणा सरकार के सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर रहा है। नौकरी के दिनों में वह एक बार 107 वर्षीय कबीरपंथी संत स्वामी रामदेवानंद महाराज से मिला था, जिसके बाद वह उनका शिष्य बन गया। 1995 में नौकरी छोड़ सत्संग करने लगा। समय के साथ उसके अनुनायी भी बढ़े। एक महिला अनुनायी ने तो उसे करोंथा गांव में आश्रम बनाने के लिए जमीन तक दे दी थी। आगे 1999 में रामपाल ने बंदी छोड़ ट्रस्ट की मदद से सतलोक आश्रम की स्थापना की।


प्रशासन रहा मुस्तैद………….


सुनवाई से पहले कई रूटों को डावर्ट कर दिया गया था। सुनवाई से 48 घंटे पहले ही जिले की सभी सीमाएं सील कर दी गई थीं। रामपाल के समर्थक किसी तरह की कानून व्यवस्था ना बिगाड़ पाए इसके लिए प्रशासन पहले से ही मुस्तैद था। 

इन ट्रेनों को रद्द करने की सिफारिश की।


-जयपुर-हिसार पैसेंजर 

-रेवाड़ी-हिसार पैसेंजर 

-अमृतसर-हिसार पैसेंजर 

-धुरी-हिसार पैसेंजर 

-गोरखधाम एक्सप्रेस 

-जयपुर-हिसार पैसेंजर 

-चुरु-हिसार पैसेंजर 

-बीकानेर-हिसार पैसेंजर 

-गंगानगर-रेवाड़ी पैसेंजर 

-सादलपुर-लुधियाना पैसेंजर 

-लुधियाना-भिवानी पैसेंजर।

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