“बता दें कि एससी/एसटी एक्ट के खिलाफ आंदोलन खड़ा करने के लिए 'अखंड इंडिया मिशन' नाम का एक दल बनाया गया है और देवकीनंदन ठाकुर को इस दल का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है”
आगरा/उत्तरप्रदेश………..
प्रसिद्ध कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर को आगरा पुलिस ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोपहर बाद उनको रिहा कर दिया पुलिस का आरोप है कि देवकीनंदन ठाकुर के आगरा में प्रवेश की अनुमति नहीं थी। अनुमति नहीं होने के बाद भी वह एक कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए आगरा आए और प्रेस कॉन्फ्रेंस करने लगे। पुलिस ने जब उन्हें हिरासत में लिया तो उनके समर्थक गुस्सा हो गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।

क्या है मामला………..
बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए एससी-एसटी एक्ट के खिलाफ सोशल मीडिया पर देवकीनंदन ठाकुर के कई संदेश वायरल हो रहे हैं। जिनमें वह सवर्ण जातियों को एससी/एसटी समुदाय के लोगों के सामाजिक कार्यों का बहिष्कार करने की बात कह रहे हैं हालांकि इन संदेशों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। इन संदेशों को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा आपत्ति दर्ज की जा रही है। बताया जा रहा है कि एससी/एसटी एक्ट के खिलाफ ठाकुर ने आगरा के खंदौली में सवर्ण समाज की एक सभा का आयोजन किया था। प्रशासन ने कथा वाचक को इस आयोजन की अनुमति नहीं दी और उनके खंदौली में प्रवेश पर भी रोक लगा दी थी।
लोकतंत्र की हत्या है इस तरह की गिरफ्तारी………..
मंगलवार की सुबह देवकीनंदन ठाकुर अपने समर्थकों के साथ आगरा के एक होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस वहां पहुंची और उन्हें हिरासत में लेकर पुलिस लाइन ले लाई। देवकीनंदन ठाकुर की गिरफ्तारी पर उनके समर्थकों में आक्रोश फैल गया और सैकड़ों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर पुलिस तथा स्थानीय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। देवकीनंदन ठाकुर ने पुलिस की इस कार्रवाई पर कहा कि पुलिस ने खंदौली में उनके प्रवेश पर रोक लगाई थी और वे कानून का पालन करते हुए खंदौली नहीं गए, लेकिन आगरा में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया, यह सरासर लोकतंत्र की हत्या है। हालांकि दोपहर बाद पुलिस ने देवकीनंदन ठाकुर को रिहा कर दिया। पुलिस ने उन्हें धारा 151 के तहत गिरफ्तार किया था और निजी मुचलका भरवाकर उन्हें रिहा कर दिया।

