“बता दें कि इस पुरस्कार के लिए देश के 10 अधिकारियों को चुना गया है डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्र प्रदेश के पहले अधिकारी हैं, जिन्हे इस अवार्ड से नवाजा जाएगा”
इंदौर/मध्यप्रदेश………..
अपनी शानदार कार्यशैली और सोशल पोलिसिंग के साथ ही गुंडों की कमर तोड़ देने वाले वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्र को वीरता पुरस्कार के लिए चुना गया है। मध्यप्रदेश से एक मात्र आईपीएस अधिकारी का चयन वीरता पुरस्कार के लिए हुआ है। शनिवार को दिल्ली में उन्हें यह पुरस्कार मिलेगा, पूर्व सेनाध्यक्ष और विदेश राज्यमंत्री डॉ. वीके सिंह उन्हें पुरष्कार देकर सम्मानित करेंगे।
बेतहर पुलिसिंग एवं आमजन के लिए चलाए कई कार्यक्रम……….
आत्महत्या रोकने और डिप्रेशन से ग्रस्त लोगों को तनाव से बाहर निकालने के उद्देश्य से डीआईजी ने इंदौर में संजीवनी हेल्पलाइन शुरू की। जिससे कई लोगों की जान बचाई गई है उनकी अभिनव पहल की सभी सराहना करते हैं। शहर में बेहतर कानून व्यवस्था के लिए डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्र नए नए प्रयोग करते रहे हैं। शहर में गुंडों बदमाशों की तो डीआईजी ने कमर ही तोड़ दी। डीआईजी के नेतृत्व में इंदौर पुलिस ने गुंडा अभियान चलाया और उनके अवैध मकान सहित अन्य निर्माण तोड़े गए, गुंडा-बदमाशों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया। शहर के साथ ही गली-मोहल्लों से लगभग 50 आवारा युवकों को पडक़कर पुलिस कंट्रोल रूम से जुलूस निकाला गया। डीआईजी की इस कार्रवाई से शहर में बदमाशों का खौफ खत्म हुआ। इसके अलावा आलंबन हेल्पलाइन की मदद से बुजुर्गों को आने वाली समस्याओं के समाधान किए गए। घरों में अकेले रहने वाले बुजुर्गों की रक्षा के लिए उन्होंने नेबर डोर बेल स्कीम चालू की। पशुओं पर होने वाली क्रूरता को रोकने के लिए शुरू की गयी हेल्पलाइन की मदद से कई पशुओं की जान बचाने का कार्य किया गया है।
