“गौरतलब है कि बुधवार को मुख्यमंत्री शिवराज मंदसौर किसानों से मिलने पहुंचे और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसान आंदोलन की आड़ में खूनखराबा करवाना चाहती है और कांग्रेस के बहकावे में ना आए शिवराज के इस आरोप को लेकर प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ ने जवाबी हमला किया है और कहा है कि किसानों के सीने पर सरकार गोली चलवा रही है और खूनखराबे का इल्जाम कांग्रेस पर लगा रही है”
भोपाल/मध्यप्रदेश……..
1 से 10 जून तक होने वाले किसान आंदोलन से पहले
बुधवार को मुख्यमंत्री शिवराज किसानों से मिलने मंदसौर पहुंचे थे। वहां उन्होंने किसानों से मुलाकात की और उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। इसी बीच उन्होंने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला और कई आरोप लगाए है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश शांति के टापू के नाम से जाना जाता है लेकिन कांग्रेस खूनखराबा करवाकर इसके अशांति में बदलना चाहती है। आप लोग कांग्रेस के बहकावे में ना जाएं, मध्य प्रदेश सरकार ने जितना काम किसानों के लिए किया उतना किसी ने भी नहीं किया।
शिवराज के बयान पर कमलनाथ का पलटवार…….
कमलनाथ ने ट्वीटर के माध्यम से शिवराज सरकार के आरोपों का जवाब दिया है और जमकर हमला बोला है।कमलनाथ ने एक साथ दो ट्वीट किए है और शिवराज सरकार के दोहरे चरित्र की बात कही है।
शिवराज के इस बयान पर कमलनाथ ने पलटवार किया है उन्होंने लिखा है कि ''कितना शर्मनाक है कि जिन लोगों की सरकार में किसानो के सीने पर गोलियाँ दाग़ी गयी, उनका ख़ून बहाया गया। वो आज कांग्रेस पर ख़ूनख़राबा फैलाने का आरोप लगा रहे है। प्रतिदिन ऐसी बयानबाज़ियाँ कर ख़ुद अराजकता फैला रहे है व माहौल बिगाड़ रहे है।
दूसरे ट्वीट में आगे लिखते हुए कि जिन किसान भाइयों से साथ देने की शिवराज अपील कर रहे है , कह रहे है कि "मैं अंतिम साँस तक तुम्हारे साथ हूँ" , उन्ही किसान भाइयों से अपराधी की तरह शांति भंग के बॉन्ड भरवाये जा रहे है। कैसा दोहरा चरित्र।

