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विनम्र श्रद्धांजलि:ईमानदारी और बहादुरी की मिसाल थे राजेश साहनी,इकलौती बेटी ने दी मुखाग्नि

अब जब राजेश साहनी इस दुनिया में नहीं हैं, उनके चाहने वाले उनकी ईमानदारी और बहादुरी के किस्से सुनाते नही थक रहे हैं”



लखनऊ/उत्तरप्रदेश……..


लखनऊ स्थित एटीएस ऑफिस में खुद को सर्विस पिस्टल से गोली मारकर ख़ुदकुशी करने वाले एएसपी राजेश साहनी का बुधवार को भैंसाकुंड वैकुंठ धाम पर अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान परिवार की परंपरा तोड़ते हुए इकलौती बेटी श्रेया ने अंतिम संस्कार की सभी रस्में निभाई और मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान परिवार, रिश्तेदार और मित्रों के अलावा पुलिस विभाग के आला अधिकारी भी मौजूद रहे।




गौरतलब है कि अपर पुलिस अधीक्षक राजेश साहनी ने ऑफिस में ही खुद को गोली मार ली थी। एडीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार ने बताया कि एक होनहार और जांबाज़ पुलिस अफसर ने आत्महत्या कर ली थी आत्महत्या के कारणों की लखनऊ पुलिस गहनता से जांच कर रही है। शुरुआती जानकारी में बस यह पता चला है कि उन्होंने ड्राइवर से पिस्टल मंगाई और कार्यालय में ही खुद को गोली मार ली।


सहज-सरल स्वभाव के व्यक्ति थे साहनी……..


यूपी एटीएस के अपर पुलिस अधीक्षक राजेश साहनी के आत्महत्या करने पर उनके चाहने वाले बेहद दुखी हैं। सोशल मीडिया से लेकर तमाम उनके जानने वाले उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। लेकिन साथ ही यह भी कह रहे हैं कि अगर राजेश साहनी जैसा अफसर आत्महत्या कर सकता है तो कोई भी टूट सकता है।


ईमानदारी और बहादुरी की ज़िंदा मिशाल थे साहनी…….


अब जब राजेश साहनी इस दुनिया में नहीं हैं, उनके चाहने वाले उनकी ईमानदारी और बहादुरी के किस्से भी सुना रहे हैं। उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा है कि इतना सहनशील और बहादुर इंसान कैसे टूट सकता है?

1969 में बिहार में जन्मे राजेश साहनी ने वर्ष 1992 में बतौर पीपीएस अधिकारी अपनी नौकरी शुरू की। इस दौरान बतौर सीओ उनकी पोस्टिंग जहां भी हुई, उन्होंने लोगों का दिल जीत लिया। लोग उनके सरल और शांत स्वाभाव की मिसाल देते नहीं थकते थे।

बहराइच में जब उनकी तैनाती थी तो वे जनता के दिल में बस गए। जब उनका तबादला हुआ तो जनता उनका तबादला रोकने पर अड़ गई। इसके बाद वे लखनऊ के कैसरबाग और चौक थाने में बतौर सीओ तैनात रहे।


वाहन चेकिंग के दौरान युवकों ने उन्हें बोनट पर टांग लिया…….


कैसरबाग में तैनाती के दौरान 30 मई 2005 को वह बस स्टेशन के पास वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान सपा सरकार के बेहद करीबी बताए जाने वाले पांच युवक जीप में सवार होकर निकल रहे थे। राजेश साहनी ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया तो युवकों को यह बात नागवार गुजरी और वह गाड़ी भगाने लगे। यह देख साहनी उनकी जीप के सामने आ गए। लेकिन युवकों ने जीप नहीं रोकी और उन पर चढ़ाने का प्रयास किया जिसके बाद राजेश बोनट पर लटक गए। युवकों ने उन्हें बोनट पर टांगे हुए सप्रू मार्ग स्थित एसएसपी आवास पहुंच गए। एक पुलिस अधिकारी को बोनट पर टंगा देख सभी लोग हैरान हो गए। इस बीच युवकों ने गाडी एसएसपी आवास के भीतर ले गए। उस दौरान एसएसपी जीके गोस्वामी की पहली प्रेस कांफ्रेंस चल रही थी। जब पत्रकारों ने देखा कि राजेश साहनी को बोनट पर टांग कर लाए हैं तो वे खुद पांचों को पकड़कर एसएसपी के पास गए। इस दौरान भी साहनी शांत बने रहे जबकि युवक खुद को जनेश्वर मिश्र का रिश्तेदार बताकर रौब झाड़ रहे थे।

साहनी यहीं नहीं रुके और केस की मजबूती से पैरवी की और पांचों को कोर्ट से सजा दिलवाई। इतनी बड़ी घटना के बाद भी साहनी शांत बने रहे उन्होंने कहा कि एसएसपी आवास पहुंच कर बच नहीं सकते।


कई आतंकी साजिशों को नाकाम करने में अहम भूमिका…….


दिवंगत यूपी एटीएस के अपर पुलिस अधीक्षक राजेश शाहनी की छवि विभाग में एक जांबाज पुलिस अधिकारी के रूप में थी। स्वभाव से सरल और शांत रहने वाले राजेश साहनी ने कई टेरर मोड्यूल का खुलासा किया था वे सभी ऑपरेशन को खुद ही लीड करते थे।

राजेश काफी समय से तमाम आतंकी संगठनों के स्लीपर मॉड्यूल और भारत में आतंक की साजिशों को बेनकाब कर रहे थे। एनआईए में दो साल रहने के बाद 2014 में उन्होंने लखनऊ में यूपी एटीएस की जिम्मेदारी दी गई इस दौरान भी उन्होंने कई आतंकी साजिशों को बेनकाब किया।


साहनी द्वारा नाकाम की गई कई आतंकी साजिशें…….



-खुदकुशी से एक हफ्ते पहले मई 2018 में इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के घर दो साल रहकर आईएसआई के लिए जासूसी करने वाले रमेश सिंह को पिथौरागढ़ से गिरफ्तार किया।


-7 मार्च 2017 को लखनऊ के काकोरी इलाके के हाजी कॉलोनी में आईएसआईएस के खुरासान मोड्यूल का खुलासा करते हुए आतंकी सैफुल्लाह को मार गिराया था इस दौरान उन्होंने ऑपरेशन को फ्रंट से लीड किया और बिना बुलेट प्रूफ जैकेट के सबसे आगे डंटे रहे।


-मई 2017 में फ़ैजाबाद से आईएसआई एजेंट अफताब को पकड़ा। आफताब की गिरफ्तारी से कई स्लीपिंग मोड्यूल का खुलासा हुआ।


-अगस्त 2017 में बब्बर खालसा आतंकी संगठन से जुड़े जसवंत सिंह काला को उन्नाव के एक फार्म हाउस से गिरफ्तार किया।


-इसके बाद सितम्बर 2017 में कई बांगलादेशी घुसपैठियों को पकड़ा। इनका संबंध आतंकी संगठन अंसारउल्ला बांग्ला से था।


-वर्ष 2013 में एनआईए में तैनाती के दौरान असलहा तस्कर गैंग की कमर तोड़ने में अहम भूमिका निभाई जिसके बाद नक्सालियों को होने वाली सप्लाई बाधित हो गई।


No1 Police डॉट कॉम की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि…….


No1police.com की समस्त टीम की और से हरदिल अज़ीज़ ,बहादुर ,ईमानदार एवं कर्तव्यनिष्ठ राजेश साहनी जी को विनम्र श्रद्धांजलि। ईश्वर उनके परिवार को ये असीम दुख सहने की क्षमता प्रदान करे………

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