लखनऊ/उत्तरप्रदेश……
पुलिस से न्याय न मिलने से नाबालिगों ने खतरनाक कदम उठा लिया खुद ही प्रदेश पुलिस के मुखिया बनकर पुलिस अधिकारियों को निर्देश देने लगे इस घटना को लेकर लखनऊ पुलिस ने शनिवार को गोरखपुर के दो नाबालिग छात्रों को यूपी के डीजीपी ओपी सिंह का फर्जी टि्वटर अकाउंट बनाने के आरोप में हिरासत में लिया था पूछताछ के बाद दोनों छात्रों को भविष्य में दोबारा गलती नहीं करने की हिदायत देकर छोड़ दिया गया।
क्या है मामला……..
पुलिस के मुताबिक इन लड़कों के परिवार के साथ कुछ दिनों पहले विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी हुई थी इस मामले में पुलिस ने सुनवाई नहीं की तो हाईस्कूल के छात्र ने प्रदेश पुलिस के मुखिया का फर्जी टि्वटर अकाउंट बना डाला इसके बाद डीजीपी के नाम से खुद ही अफसरों को निर्देश देने लगे।
जल्द ही उनका यह फर्जीवाड़ा पकड़ा गया।
बताया जा रहा है कि छात्र के भाई को विदेश भेजने के नाम पर किसी जालसाज ने पैसा ले लिया था उसके पिता ने कई बार थाने में शिकायत की और मदद मांगी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
छात्र को पता चला कि टि्वटर पर शिकायत करने पर उसकी बात सुनी जाएगी छात्र ने डीजीपी का फेक टि्वटर अकाउंट बना लिया फर्जी टि्वटर अकाउंट बनाने के लिए उसने अपने परिचित के मोबाइल नम्बर का इस्तेमाल किया था।
प्रदेश पुलिस के मुखिया के फर्जी ट्विटर अकाउंट की जानकारी से पुलिस विभाग में हड़कंप मचा……..
बता दें कि डीजीपी ओपी सिंह के नाम से फर्जी टि्वटर अकाउंट बनाने और उस पर निर्देश जारी होने पर पुलिस के अफसरों के कान खड़े हो गए थे।
इस मामले में लखनऊ के हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज कर सर्विलांस टीम जांच के लिए लगाई गई थी जांच के बाद पता चला कि गोरखपुर के लड़के ने फर्जी अकाउंट बनाया है टि्वटर अकाउंट में इस्तेमाल मोबाइल नम्बर के आधार पर लखनऊ की टीम सीधे भटहट के मोइदीनपुर टोला महुअवां गांव पहुंची और वहां से एक युवक को हिरासत में लिया।
उससे पूछताछ में भटहट कस्बे के छात्र के बारे में पता चला युवक ने बताया कि छात्र कम्प्यूटर जानता है उसी ने फर्जी अकाउंट बनाया होगा टीम ने उसके कम्प्यूटर और मोबाइल की जांच की तो पता चला कि छात्र हाईस्कूल में पढ़ता है और नाबालिग है।
लिहाजा पुलिस टीम उसे उसके घरवालों के साथ पूछताछ के लिए लखनऊ ले गई जहां पूछताछ के बाद पुलिस ने दोनों छात्रों को छोड़ दिया।
