“बता दें कि इससे पहले 2 अगस्त 2017 को भी बागली थाना क्षेत्र में कमलापुर वन चौकी स्थित आवासीय मकान में डिप्टी रेंजर रमेश नारोलिया ने फांसी लगाकर आत्महत्या की थी”
देवास/मध्यप्रदेश………..
देवास जिले के बागली में उदय नगर थाना क्षेत्र में
काम के दबाव में आकर एक डिप्टी रेंजर ने अपनी जान दे दी। डिप्टी रेंजर लालसिंह गंगराड़े वन क्षेत्र की उदयनगर सब रेंज में तैनात थे। वहां उन्होंने एक पेड़ पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। उसका शव मगरादेह के घने जंगल में पेड़ से लटका हुआ मिला।
क्या है पूरा मामला…………….
प्राप्त जानकारी के अनुसार उदय नगर थाना प्रभारी राजाराम वास्कले ने बताया कि वन विभाग द्वारा इन दिनों पौधारोपण किया जा रहा है। शनिवार को लाल सिंह मजदूरों से पौधारोपण करवा रहे थे। जिसके बाद वह जंगल में चले गए और जब रात में नहीं लौटे तो की खोजबीन की गई। रात करीब 11 बजे उनका शव पेड़ के नीचे मिला। जिस रस्सी से उन्होंने फांसी लगाई थी वह पेड़ की डाल टूटने से नीचे गिर गई थी।
फाँसी के फंदे की टूटी हुई रस्सी
लाल सिंह ने एक सुसाइड नोट भी थाना प्रभारी के नाम छोड़ा है। जिसमें तनाव से आत्महत्या करने की बात लिखी है।
इस सुसाइड नोट में डिप्टी रेंजर ने लिखा है कि वह तनाव में है। काम के दबाव के कारण वह आत्महत्या कर रहा है। सुसाइड नोट में यह भी लिखा है कि उनके परिवार को किसी भी तरह से परेशान ना किया जाए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्ट के लिए भेज दिया है। और मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है। इसके पहले भी कमलापुर रेंज में एक फॉरेस्ट कर्मी ने आत्महत्या कर ली थी। अब यह जांच का विषय है की आत्महत्या करने वाले डिप्टी रेंजर लाल सिंह किस वजह से तनाव में थे। बताया जा रहा है बृहद रूप से पौधारोपण इन दिनों किया जा रहा है जिसमें मृतक की ड्यूटी लगी थी। फिलहाल फॉरेस्ट विभाग के अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट नहीं की है।
