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विभीषण:नक्सलियों को असलहा सप्लाई करने वाले दरोगा और हेड कांस्टेबल सेवा से बर्खास्त

नक्सलियों को कारतूस सप्लाई चेन के आरोपी सहायक उपनिरीक्षक आनंद जाटव एवं प्रधान आरक्षक सुभाष सिंह को संविधान की धारा अनुच्छेद 311 के खंड (2) तहत सेवा से बर्खास्त किया गया है। इस मामले में मामले में 9 सदस्यीय एसआईटी गठित कर जांच की गई। जिसमें पुलिस लाइन में पदस्थ ASI आनंद जाटव एवं प्रधान आरक्षक सुभाष सिंह की संलिप्तता सामने आने पर दोनो को गिरफ़्तार कर जेल भेजा गया था।



सुकमा/छत्तीसगढ़………..


छत्तीसगढ़ के सुकमा में पुलिस ने माओवादियों के सप्लाई नेटवर्क में संलिप्त पाये गए जिला सुकमा के सहायक उप निरीक्षक आनन्द जाटव एवं प्रधान आरक्षक सुभाष सिंह को बर्खास्त कर दिया गया है। बस्तर आईजी पी. सुंदरराज ने गुरुवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए। दोनों आरोपियों को पुलिस ने नक्सलियों को सरकारी कारतूस सप्लाई करते 4 जून को गिरफ्तार किया था। इनके साथ दो लोग और पकड़े गए थे। हालांकि गिरफ्तारी पुलिस ने दो दिन पहले दिखाई।


क्या है पूरा मामला……………


प्राप्त जानकारी के अनुसार, 4 जून को माओवादियों के लिए गोला बारूद की सप्लाई की सूचना मुखबिर से बस्तर पुलिस को मिली थी, सूचना मिलने के बाद सुकमा मलकानगिरी चौक में घेराबंदी कर धमतरी निवासी मनोज शर्मा व बालोद निवासी हरिशंकर गेडाम को पकड़ा गया था। पकड़े गए आरोपियों के क़ब्ज़े से 303 व SLR हथियारों के 395 राउंड कारतूस मिले थे। आगे की पूछताछ में मनोज शर्मा व हरिशंकर गेडाम की निशानदेही पर दुर्गकोंदल के गणेश कुंजाम व आत्माराम नरेटी को भी गिरफ़्तार किया गया। दोनो का सम्पर्क कांकेर के बड़े नक्सली लीडर दर्शन पेद्दा प्रतापपुर एरिया कमेठी सचिव से होने की बात सामने आयी थी। इनके पास से बस्तर पुलिस ने 70 राउंड INSAS और 303, AK 47, SLR , INSAS के कुल 695 कारतूस बरामद किए थे। कोतवाली में पदस्थ एएसआई आनंद जाटव के पास से ही पुलिस को कारतूस से भरा बैग भी मिला था। वह नक्सलियों की सप्लाई चेन में शामिल अन्य लोगों के संपर्क में था और कारतूस सप्लाई करने आया था। जबकि अन्य दोनों आरोपी लेने के लिए पहुंचे थे।


कैसे हुआ खुलासा……………


अप्रैल में कांकेर पुलिस ने शहरी नेटवर्क में शामिल ठेकेदार समेत कई लोगों को अपनी गिरफ्त में लिया था। इन्हीं से हुई पूछताछ के दौरान सुकमा से नक्सलियों को कारतूसों सप्लाई होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद से सुकमा पुलिस लगातार कई संदिग्ध जवानों पर नजर रख रही थी। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ऐसे संदिग़्धों के लगातार मोबाइल फोन टेप व ट्रेस किए जा रहे थे। उनकी हर एक गतिविधियों पर पुलिस की नजर बनाए हुए थे।


इनका कहना………….


इस बारे में आईजी सुंदरराज पी ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस विभाग में इन आपराधिक कृत्यों वाले पुलिसकर्मियों के आचरण से बस्तर में तैनात अन्य जवानों पर इसका असर न पड़े इसलिए ये कार्रवाई की गई है। साथ ही इन तमाम बातों को ध्यान मे रखते हुये ASI आनंद जाटव एवं प्रधान आरक्षक सुभाष सिंह को बर्खास्त किया गया है।

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