इंदौर/राजगढ़/मप्र……………
शहर में कोरोना संकट हावी है और पुलिस भी मुस्तैदी के साथ दिन रात काम कर सेवा में जुटी है। बता दे कि इंदौर में जब से पूर्णतः लॉक डाउन तब से ही स्वास्थ्य विभाग की टीम, स्वच्छता सेनानी और पुलिस की ड्यूटी के समय निश्चित नही रहा है और अपने कर्म के जरिये कोरोना वारियर्स लोगो की जान की हिफाजत में जुटे हुए है। कोरोना संकट के बीच जहाँ इंदौर के एक टीआई पर कोरोना का वार हुआ तो दूसरी और इंदौर के तुकोगंज थाना के टीआई की खाना खाते हुए मार्मिक तस्वीर वायरल हुई। इस बीच एक बड़ी खबर सोमवार सुबह आई है जिसमे पता चला है कि ड्यूटी पर तैनात एक आरक्षक की मौत हो गई है।
क्या है पूरा मामला……………..
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आज सुबह इंदौर के मालवा मिल चौहारा पर आरक्षक अबरार खान ड्यूटी पर मौजूद थे उसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ी जिसके बाद इंदौर के एम. वाय अस्पताल में आरक्षक की मौत की पुष्टि की गई। कोरोना संक्रमण के दौरान अपने महकमे के एक काबिल आरक्षक की मौत की सूचना पर इंदौर आईजी विवेक शर्मा पहले एम.वाय. अस्पताल पहुंचे और मृतक आरक्षक की पत्नि से बात कर जानकारी ली। आईजी इंदौर इसके बाद सीधे परदेशीपुरा थाना पहुंचे और उन्होंने वहां थाने के स्टॉफ से भी बात की।
आई.जी. इंदौर विवेक शर्मा ने बताया कि आज सुबह उन्हें सूचना मिली थी कि परदेशीपुरा थाना में पदस्थ आरक्षक की ड्यूटी के दौरान मौत हुई है। उन्होंने बताया कि इस समय कोरोना संक्रमण हर जगह फैला हुआ है तो इस दृष्टि से ये पता लगाया गया कि कही आरक्षक कोरोना संक्रमित तो नही था और क्या लक्षण थे वही थाने में कोई और व्यक्ति तो संक्रमित नही है। उन्होंने बताया कि थाने के स्टॉफ का स्वास्थ्य कैसा है इसकी समीक्षा के लिए वो थाने पर पहुंचे है। उन्होंने कहा कि इसके पहले वो एम. वाय. मर्च्युरी में मृत आरक्षक की पत्नी की बात की और जो भी शासकीय सहयोग उन्हें मिलना चाहिए था उसे उन्होंने मुहैया करवाया है।
उन्होंने बताया कि आरक्षक की पत्नी से मिली प्राथमिक रूप से मिली जानकारी में पता चला है कि आरक्षक को ब्लड प्रेशर,अस्थमा और अधिक वजन की समस्या थी और उस वजह से कल रात को उनको घबराहट हुई थी और सुबह वो स्वयं ड्यूटी पर आ गए।
आईं. जी.इंदौर ने ये भी बताया कि इससे पहले आरक्षक को 30 मार्च को हल्का बुखार आया था जिसके बाद उन्हें थाने से छुट्टी दे दी गई जिसके बाद 31 मार्च को आराम कर 1 अप्रैल को वापस ड्यूटी पर आ गए। पुलिस की माने बाद कल रात को भी आरक्षक अबरार को घबराहट हुई और आज सुबह भी अचानक घबराहट के बाद आरक्षक ने इन्हेलर का इस्तेमाल किया लेकिन तबीयत इतनी बिगड़ गई कि उनकी मौत हो गई। आई इंदौर ने बताया कि परदेशीपुरा थाना स्टॉफ से ये भी जानकारी ली गई कि किसी को बुखार, सर्दी या खासी के लक्षण तो नही है तो पता चला कि थाने पर एक एएसआई बीमार है जो कि पिछले 2 माह से बीमार चल रहे है। आईजी विवेक शर्मा ने कहा कि बावजूद इसके मैंने डॉक्टर्स से कहा है कि बीमार एएसआई का सैम्पल लिया जाए ताकि एतियात बरता जा सके। वही उन्होंने ये भी साफ किया कि थाने पर किसी भी पुलिसकर्मी में बुखार, सर्दी और खांसी के लक्षण नही है।
इनका कहना…………..
मीडिया से बातचीत के दौरान इंदौर आई. जी.ने कहा कि आज उन्होंने समूचे इंदौर में महकमें को निर्देश दिया है कि मुख्य सड़क के अलावा वो गली और मोहल्लों में बेवजह घूमने वालो पर कार्रवाई करे ताकि कोरोना संक्रमण का फैलाव न हो सके।
दुःखद:अज्ञात वाहन की टक्कर से सड़क दुर्घटना में पुलिस आरक्षक की मौत
राजगढ़/मध्यप्रदेश…………….

मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिलें से दुःखद खबर आ रही हैं।
पुलिस विभाग का एक होनहार जवान अपने कर्तव्य पथ पर दुर्घटना का शिकार हो गया,दुर्घटना भी ऐसे समय घटित हुई जिस समय जवान के आस-पास कोई मौजूद ना था,और पुलिस विभाग का एक जवान परमात्मा में विलीन हो गया।
क्या है पूरा मामला………………
प्राप्त जानकारी के अनुसार,पुलिस विभाग में वर्ष 2014 से अपनी सेवाएं प्रारंभ करने वाले 30 वर्षीय टिंकू रावत में सेवा के प्रारंभ से ही कर्तव्य परायणता के गुण परिलक्षित होते थे सेवा के प्रारंभिक काल में ही जवान ने अपने साथी जवानों के बीच अपनी एक अमिट छाप बनाई थी,परंतु दुर्भाग्यवश वह छाप अब केवल मन मस्तिष्क में ही बस कर रह गई है।
आरक्षक 803 टिंकू रावत वर्ष 2016 में प्रशिक्षण प्राप्त कर रक्षित केंद्र में आमद आए थे l कोरोना संक्रमण के तहत लॉक डाउन होने से जवान की ड्यूटी बकानी रोड पर गोघटपुर में राजस्थान सीमा पर बनी चौकी में लगाई गई थी।
उत्तरप्रदेश के आगरा के निवासी थे…………….
मूलरूप से उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के रहने वाले आरक्षक टिंकू रावत ड्यूटी हेतु अपनी मोटर साइकिल से रात्रि में गोघटपुर चौकी की ओर जा रहे थे जहां रास्ते में अज्ञात वाहन की टक्कर के कारण आरक्षक दुर्घटनाग्रस्त हो गए,रात्रि का समय होने से असहाय रोड़ किनारे ही आरक्षक ने अपनी आखिरी सांस ली।
घटना के बारे में सूचना मिलने पर थाना प्रभारी माचलपुर एवं विभाग के वरिष्ठ अधिकारी गण मौके पर पहुंच गए जहां आरक्षक टिंकू रावत के पार्थिव शरीर को देखकर सभी की आंखें नम हो गईं।
दिवंगत टिंकू की शादी को अभी कुछ ही समय हुआ था उनके दो छोटे बच्चे भी हैं दोनों ही पुत्र अभी अनभिज्ञ है जो यह भी नही जानते कि क्या क्षति हुई है। जिला पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप शर्मा ने घटना को विभाग के लिए अपूरणीय क्षति होना बताया, उन्होंने दिवंगत टिंकू के परिजनों को ढांढस बंधाते हुए विभागीय एवं हर तरह की यथासंभव सहायता का आश्वासन भी दिया।
पुलिस लाइन में उन्हें ससम्मान सलामी के साथ जिला दंडाधिकारी राजगढ़ श्री नीरज सिंह, पुलिस अधीक्षक राजगढ़ श्री प्रदीप शर्मा, एवं सभी साथियों द्वारा श्रद्धांजलि दी गई, जिला दंडाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा कंधा देकर उनके पार्थिव शरीर को उनके ग्रह नगर के लिए रवाना किया गया। राजगढ़ पुलिस और माचलपुर में पदस्थ स्टाफ द्वारा 1 लाख 51 हजार रुपये की व्यवस्था कर रवाना किया गया। उनके ग्रह नगर आगरा के समीप ही उनके पैतृक ग्राम में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

पुलिस आरक्षक के पार्थिव शरीर को सलामी देतें अधिकारीगण
