विदिशा/मध्यप्रदेश……………
मध्यप्रदेश में दिनोंदिन रिश्वतखोरी, के मामले बढ़ते जा रहे हैं। ऐसा ही एक और ताजा मामला विदिशा से सामने आया है, विदिशा में बिजली विभाग के सहायक यंत्री को भोपाल लोकायुक्त की पुलिस टीम ने रिश्वत लेते हुए दबोचा। दरअसल,बिजली लाइनों के मेंटेनेंस बिलों के भुगतान के बदले 5 प्रतिशत कमीशन की मांग करने और 2 लाख रुपए की रिश्वत लेकर बिलों का भुगतान करवाने वाले बिजली कंपनी के रिश्वतखोर सहायक यंत्री (एई) विकास शर्मा को लोकायुक्त भोपाल की टीम ने 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। मामला शनिवार को अपरान्ह अहमदपुर रोड स्थित बिजली कंपनी के कार्यालय का है।
क्या है पूरा मामला………………
प्राप्त जानकारी के अनुसार,बिजली कंपनी के ठेकेदार अभयराज पचौरी ने 7 दिन पहले लोकायुक्त कार्यालय भोपाल में बिजली कंपनी के एई विकास शर्मा द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। उस शिकायत की पुष्टि करने के बाद ही लोकायुक्त भोपाल की डीएसपी साधना सिंह के नेतृत्व में 10 सदस्यीय टीम ने शनिवार को विदिशा पहुंचकर रिश्वतखोर एई की घेराबंदी की। उसे 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार भी कर लिया। ठेकेदारों ने आरोप लगाया है कि हर ठेके के बदले वह 5 प्रतिशत की मांग करता था, इस तरह से वह हमसे 2 लाख रुपए ले चुका है।
इस संबंध में लोकायुक्त टीम भोपाल की डीएसपी साधनासिंह ने बताया कि इलेक्ट्रिकल ठेकेदार अभयराज पचौरी और उनके भाई देशराज पचौरी की ओर से रिश्वत मांगने की शिकायत मिलने के बाद पहले उसकी पुष्टि की गई। इसके बाद शनिवार को लोकायुक्त टीम सुबह 10 बजे ही विदिशा पहुंच गई थी। रिश्वत मांगने वाले एई विकास शर्मा पर लगातार निगरानी की जा रही थी। अपरान्ह करीब 3 बजे फरियादी ठेकेदार अभयराज पचौरी को लोकायुक्त टीम द्वारा केमिकल लगे हुए 5 हजार रुपए देकर बिजली कंपनी के कार्यालय में भेजा गया। कार्यालय में जाकर ठेकेदार अभय पचौरी ने एई विकास शर्मा के हाथ में जैसे ही रिश्वत के 5 हजार रुपए थमाए तो वैसे ही पहले से तैयार लोकायुक्त टीम ने एई को तुरंत रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया।
इनका कहना……………….
गवर्नमेंट ठेकेदार अभयराज पचौरी और देशराज पचौरी ने बताया कि वे विदिशा में एसटीसी यानी बिजली लाइनों के मेंटेनेंस का काम करते हैं। मेंटेनेंस के भुगतान की प्रत्येक फाइल आगे बढ़ाने के बदले बिजली कंपनी का एई विकास शर्मा 5 प्रतिशत कमीशन देने की मांग करता है। इससे पहले वह हमसे 2 लाख रुपए ऐंठ चुका है। इसके बाद भी 1 लाख 18 हजार रुपए के एक बिल का भुगतान करने के बदले में फिर से 5 हजार रुपए रिश्वत देने की मांग कर रहा था। 7 दिन पहले लोकायुक्त कार्यालय भोपाल में एई की शिकायत की थी। शिकायत की जांच करने के बाद लोकायुक्त टीम ने शनिवार को विदिशा पहुंचकर इस छापामार कार्रवाई को अंजाम दिया।
—अभयराज पचौरी ने शिकायत की थी कि उनके मेंटेंनेंस के बिल के भुगतान के लिए एई द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है। हमने इस शिकायत का सत्यापन कराया, शिकायत सही पाई गई। 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़े गए।
–साधना सिंह, डीएसपी लोकायुक्त भोपाल।
