“बता दें कि लोकायुक्त की रीवा टीम ने कुसमी थाना क्षेत्र के पोड़ी चौकी प्रभारी एवं पीएसआई तरुण बेडिय़ा सहित प्रधान आरक्षक बाबूलाल रावत को ट्रैप किया गया है”
सीधी/मध्यप्रदेश……………..
लोकायुक्त रीवा की टीम ने मध्यप्रदेश के सीधी जिलें के कुसमी थाना क्षेत्र की पुलिस चौकी पोंड़ी में दबिश देकर चौकी प्रभारी (पीएसआई) और मुंशी (प्रधान आरक्षक) को चार हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ लिया। चौकी प्रभारी ने कच्ची शराब पकड़े जाने के मामले में कार्रवाई न करने के एवज में रिश्वत मांगी थी। पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त रीवा राजेंद्र वर्मा ने बताया कि चौकी प्रभारी व मुंशी को पकड़ा है। बयान लेने के बाद दोनों को मुचलके पर छोड़ दिया गया।
क्या है पूरा मामला……………..
प्राप्त जानकारी के अनुसार,शिकायतकर्ता छोटेलाल ने बताया कि तीन दिन पहले घर में पोंड़ी चौकी प्रभारी तरुण बेडिय़ा पुलिसकर्मियों के साथ आए और देशी शराब बनाने का आरोप लगाते हुए घर की तलाशी ली। तलाशी में कुछ भी न मिलने के बाद उसको लातों से पीटा। इसके बाद 10 हजार रुपए मांगे बाद में मामला पांच हजार में तय हुआ। चौकी प्रभारी ने एक हजार रुपए ले लिए और बाकी के 4 हजार चौकी आकर देने को कहा। लेकिन इसी बीच उसने मामले की शिकायत लोकायुक्त से कर दी। बताया जाता है कि तय रणनीति के मुताबिक उसने तय राशि जब चौकी प्रभारी को देनी चाही तो उन्होंने उसे मुंशी बाबूलाल रावत को देने कहा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार,लेनदेन की बात पीएसआई और शराब तस्कर के बीच तय हुई थी। लेकिन ट्रैपिंग के कुछ मिनट पहले पीएसआई चौकी पर नहीं था। तो उसने रिश्वत की रकम प्रधान आरक्षक को देने के लिए कही। चौकी प्रभारी की बात मानकर जैसे ही प्रधान आरक्षक ने रिश्वत के चार हजार रुपए लिए वैसे ही लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथ दबोच लिया। इसके बाद पुलिस ने चौकी प्रभारी को भी गिरफ्तार कर लिया।
