चंबल संभाग/मध्यप्रदेश……..
दलित संगठनों के भारत बंद के दौरान प्रदेश में हुई जान-माल के नुकसान के बाद अब कानून-व्यवस्था पटरी पर आने लगी है। बुधवार सुबह तक भिंड, ग्वालियर, मुरैना को छोड़कर शेष प्रदेश में हालात सामान्य रहे।
तीनों जिलों में आज सुबह कर्फ्यू में दो घंटे तक के लिए ढील दी गई।स्थिति पूरी तरह से प्रशासन के नियंत्रण में है। प्रदेश के किसी भी हिस्से से उपद्रव की सूचना नहीं है।
कर्फ्यू में कुछ समय को दी गयी ढील………
भिंड में मंगलवार को भी हालात असामान्य रहे। संवेदनशील गांवों में भारी संख्या में पुलिस बल अभी भी तैनात है। खास बात यह है कि प्रशासन ने किसी भी राजनीतिक दल के नेताओं को प्रभावित क्षेत्र एवं लोगों के बीच जाने से रोक दिया है।
भिंड कलेक्टर टी इलैया राजा के अनुसार आज सुबह कर्फ्यू में घंटे भर की ढील दी गई।
इसी तरह मुरैना-ग्वालियर में दो-दो घंटे के लिए कर्फ्यू हटा लिया गया। स्कूलों में छुट्टियां कर दी गई है।
सरकारी कार्यालय, सार्वजनिक स्थल एवं बस पर रेलवे स्टेशनों पर भारी पुलिस बल तैनात है।
मुरैना एवं भिंड के उप्र-राजस्थान से लगे सीमावर्ती इलाके पर भी चौकसी बढ़ाई गई है।
14 अप्रैल तक प्रदेश हाई अलर्ट पर………
वहीं खुफिया विभाग की रिपोर्ट ने सरकार की नींद उड़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य में जातीय संघर्ष के हालात बने हैं।
पुलिस मुख्यालय ने 14 अप्रैल तक पूरे प्रदेश को हाईअलर्ट पर रखा है। विशेष क्षेत्रों में अफसरों को गश्त पर लगाया है।
इधर सरकारी सूत्रों से खबर है कि उपद्रव के बाद खुफिया विभाग ने सरकार को जो रिपोर्ट सौंपी है, उससे सरकार की परेशानी बढ़ गई है।
रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के कुछ हिस्सों में जातीय संघर्ष के हालात बन गए हैं।
ऐसे में 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती एवं लोहड़ी पर्व है। किसी भी संभावना के चलते पूरे प्रदेश को अलर्ट पर रखा गया है।
सीएम ने ली जानकारी……..
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार सुबह अपने निवास पर हालातों का फीडबैक लिया।
इस दौरान उन्होंने पुलिस एवं प्रशासन के आला अधिकारियों की बैठक ली। साथ ही आगामी त्यौहारों के मद्देनजर सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
खबर है कि रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को किसी भी टीका-टिप्पणी से बचने को कहा है। साथ ही संगठन को भी एहतिहात बरतने को कहा है।
ग्वालियर पुलिस ने जनता से की अपील……..

