बता दें कि सोनू के परिजनों का कहना है कि उसकी मौत के बाद घर पर कोई कमाने वाला नहीं बचा है, इसलिए उसकी पत्नी को नौकरी दी जाए। साथ ही सोनू की मौत की उच्च स्तरीय जांच हो। आरोपी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई हो। पुलिस अधीक्षक अमित सांघी ने इंदरगंज टीआइ राजेंद्र सिंह परिहार के अलावा एएसआइ ब्रजलाल यादव, आरक्षक नीरज यादव, श्याम जाट, मुकेश शर्मा काे निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए हैं। साथ ही इस मामले की मजिस्ट्रियल जांच भी की जा रही है।
ग्वालियर/मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले के इंदरगंज थाने में पुलिस हिरासत में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई युवक की माैत के मामले में टीआइ सहित पांच पुलिसकर्मियाें काे सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही युवक का पीएम आज सुबह डाक्टराें के पैनल द्वारा किया गया है। इस दाैरान पुलिस के आला अफसराें से लेकर तमाम प्रशासनिक अफसर भी वहां माैजूद रहे। गाैरतलब है कि इस मामले की न्यायिक जांच के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं।
परिजनों ने पुलिसकर्मियों पर हत्या का आरोप लगाया, गर्भवती पत्नी अपने बच्चों के साथ न्याय की आस में रातभर भटकती रही

ग्वालियर के इंदरगंज थाने में पुलिस कस्टडी में कथित सटोरिए सोनू बंसल की मौत हो गई। सोनू की पत्नी डॉली बंसल ने पुलिस पर पति की हत्या का आरोप लगाया है। युवक के तीन बच्चे हैं और डॉली 8 महीने की गर्भवती भी है। डॉली ने कहा है कि सोमवार शाम को वह (सोनू) बाजार के लिए निकले थे। पुलिस ने उन्हें फालका बाजार में घेर लिया और थाने ले गई। मृतक के परिवार में 2 बेटियां गुनगुन (8), काजल (6) व बेटा गोलू (4) के अलावा पत्नी डॉली बंसल 8 महीने की गर्भवती है। डॉक्टर ने उसे आराम करने की सलाह दी है, पर पति की मौत की खबर मिलते ही वह रातभर से सड़कों पर अपने तीन बच्चों को लेकर पति की मौत की जांच की मांग कर रही है। डॉली का कहना है कि सोनू में वापस आने की कहकर निकले थे। पता नहीं था कि पुलिस वाले उन्हें मार डालेंगे। पुलिस रात 2 बजे घर पहुंची और बताया कि सोनू की तबीयत खराब होने से मौत हो गई है। घर से निकले तब बिल्कुल ठीक थे। पुलिस ने हफ्ता वसूली के लिए मेरे पति को पीट-पीटकर मार डाला है।
क्या है पूरा मामला,हंगामे की आशंका पर भारी पुलिस बल तैनात
गेंडे वाली सड़क निवासी सोनू बंसल पुत्र गोपाल बंसल व शंकरलाल शर्मा के सट्टा लगवाने की सूचना मिलने पर पुलिस दोनों को फालका बाजार काजल टाकीज के पास से शाम करीब साढ़े छह बजे पकड़कर लाई थी। इसके बाद मिनी कंट्रोल रूम में पुलिस ने दोनों से पूछताछ की। पुलिस हिरासत में लगभग ढाई घंटे बाद अचानक सोनू की हालत बिगड़ी। उसने पेट में दर्द होने व उल्टी आने की शिकायत की। उसे उल्टी कराने के लिए पुलिस के जवान उसे बाहर ले आए। उल्टी करने के बाद सोनू अचेत हो गया। युवक के बेहोश होते ही पुलिस के हाथ-पैर फूल गए। उसे इलाज के लिए तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। टीआइ राजेंद्र परिहार ने युवक की मौत होने की सूचना तत्काल एसपी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को दी। पुलिस ने आनन-फानन में युवक के शव को डेड हाउस में रखवा दिया था। मंगलवार की सुबह जेएएच में डाक्टराें के पैनल ने मृतक का पीएम शुरू किया। इस दाैरान माैके पर एएसपी, एसडीएम सहित पांच थानाें का बल तैनात रहा, जिससे यदि काेई हंगामे की स्थिति बने ताे तुरंत संभाला जा सके। थाने में हुई सोनू की मौत के बाद हंगामा होने की आशंका के चलते जयारोग्य अस्पताल से लेकर इंदरगंज थाना और मृतक के घर के पास सुरक्षाबल तैनात किया गया है। जिसमें 4 सीएसपी, 11 टीआई, 29 एसआई सहित पांच सौ पुलिसकर्मी शामिल हैं।
घटना के पीछे क्या है?? असल कहानी

प्राप्त जानकारी के अनुसार सूत्रों के हवाले से खबर है कि
शाम को जब सोनू को पुलिस जवान पकड़कर लाए तो उसे CCTV कैमरों से बचाकर मंदिर की तरफ से मिनी कन्ट्रोल रूम की तरफ ले गए। यहां उसके पेट में लात ही लात मारी हैं। कोई लात गलत जगह लगी और वह बेहोश हो गया। इस पर जवान घबरा गए। पहले उसे पानी पिलाकर होश में लाने का प्रयास किया। यहां एक जवान ने यह भी कहा कि नौटंकी कर रहा है। पर पानी पिलाते ही वह उल्टी करने लगा। उसे तत्काल लेकर पुलिस जेएएच पहुंची पर तब तक देर हो चुकी थी। रात 11.19 बजे शव को डेड हाउस में अज्ञात में रखवाया गया है।
मामले की खबर मिलते ही पुलिस कप्तान अमित सांघी ने तत्काल नगर पुलिस अधीक्षक नागेन्द्र सिंह को जांच के लिए भेजा। इसके बाद मामला बिगड़ने पर तत्काल रात को ही एसपी ने न्यायिक जांच के लिए डीजे को पत्र लिख दिया है। साथ ही थाने में लगे CCTV कैमरे और उनकी फुटेज सुरक्षित कर ली गई है।
