HomeBreaking Newsपहली बार रिश्वत मिली तो SI का लालच बढ़ा,दूसरी बार 25 हज़ार...

पहली बार रिश्वत मिली तो SI का लालच बढ़ा,दूसरी बार 25 हज़ार लेते लोकायुक्त ने रंगे हाथों दबोचा,निलंबित

बता दें कि जैसे ही लोकायुक्त पुलिस ने एसआई को रिश्वत लेते हुए पकड़ा वैसे ही वह फूट-फूटकर वही रोने लगा। डीएसपी जे.पी वर्मा की माने तो जमानत पर आरोपी एसआई को अभी छोड़ दिया गया है,लेकिन जल्द ही चालान कोर्ट में पेश किया जाएगा।


जबलपुर/मध्यप्रदेश।

मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी और कर्मचारियों पर लोकायुक्त का शिकंजा लगातार कसा हुआ है बावजूद इसके घूसखोरी है कि कम होने का नाम नही ले रही है।
पुलिस थानों में छोटे से छोटे प्रकरण में रिश्वत की मांग की जा रही है।
दरअसल,जबलपुर के बेलबाग थाने में पदस्थ एक एसआई को लोकायुक्त की टीम ने गुरुवार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। धोखाधड़ी के प्रकरण से बचाने के लिए महिला से दूसरी बार रिश्वत ले रहे उप निरीक्षक राम सुहावन अनुरागी को लोकायुक्त टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। घटना डुमना नेचर पार्क काफी हाउस की है। गुरुवार दोपहर काफी हाउस में रंगे हाथ गिरफ्तार करने के बाद लोकायुक्त टीम उप निरीक्षक को लेकर सर्किट हाउस क्रमांक-2 पहुंची जहां उससे पूछताछ कर कार्रवाई के दस्तावेज तैयार किए गए। जहाँ
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने एसआई को निलंबित करते हुए विभागीय जांच के निर्देश दिए हैं।

क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,लोकायुक्त अधिकारियों ने बताया कि ग्वारीघाट निवासी दुर्गा चौधरी (23) वर्ष की शिकायत पर कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि दुर्गा महिला डायनामिक बेनीफीसियर एकार्ड प्राइवेट लिमिटेड नामक नेटवर्किंग कंपनी में कार्य करती थी। निवेशकों से मिली शिकायत के बाद सात जनवरी को कंपनी के खिलाफ बेलबाग पुलिस ने कार्रवाई की थी। प्रकरण में दो आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।
प्रकरण की विवेचना बेलबाग थाने के उप निरीक्षक राम सुहावन अनुरागी 31 वर्ष द्वारा की जा रही थी।

शिकायतकर्ता दुर्गा चौधरी पीले ड्रेस में।

प्रकरण की विवेचना के दौरान उप निरीक्षक अनुरागी ने दुर्गा चौधरी से संपर्क किया तथा उसे धोखाधड़ी के प्रकरण में फंसाने की धमकी दी। कार्रवाई से बचाने के लिए उसने रिश्वत की मांग की। अनुरागी ने दुर्गा से पहली बार 35 हजार रुपये रिश्वत के तौर पर लिए। जिसके बाद उसकी लालच और बढ़ने लगी। उसने दुर्गा से 30 हजार रुपये और मांगे। तथा 25 हजार रुपये में सौदा तय किया। जिसके बाद दुर्गा ने जबलपुर लोकायुक्त एसपी संजय साहू से शिकायत की। एसपी साहू ने डीएसपी जेपी वर्मा के नेतृत्व में टीम गठित कर कार्रवाई के निर्देश दिए।

कार्रवाई करती लोकायुक्त पुलिस

कार्रवाई में इनकी रही सराहनीय भूमिका

डीएसपी वर्मा के साथ निरीक्षक स्वप्निल दास, मंजू किरण तिर्की, कमल सिंह उइके, प्रधान आरक्षक राजेश पटेल, आरक्षक अतुल श्रीवास्‍तव, जुबेद खान, विजय बिष्ट, राकेश विश्वकर्मा, सोनू चौकसे, पंकज तिवारी, प्रधान आरक्षक लक्ष्मी रजक कार्रवाई के लिए काफी हाउस पहुंचे। जहां उप निरीक्षक अनुरागी ने दुर्गा को रिश्वत की रकम लेकर बुलाया था। अनुरागी ने जैसे ही रिश्वत की रकम हाथ में ली घात लगाए बैठी लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

बेलबाग थाना एक बार फिर चर्चा में

बेलबाग थाना पिछले कई महीने से चर्चा में है। बताया जाता है कि यहां के थाना प्रभारी का अपने ही मातहतों पर कोई कंट्रोल नहीं है। सूत्राें की मानें तो क्राइम ब्रांच ने 9 फरवरी को जिस बाइक चोर गिरोह को पकड़ कर खुलासा किया है। उस गिरोह के एक आरोपी को पकड़ कर बेलबाग पुलिस ने कुछ दिन पहले ही 5 हजार रुपए लेकर छोड़ दिया था। इसके पूर्व भी कई प्रकरणों में पैसे लेकर आरोपियाें को छोड़ने और झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर पैसे की मांग का प्रकरण सामने आता रहा है।

Live Share Market :
- Advertisment -

Most Popular

error: Content is protected !!