मंदसौर/उज्जैन/मप्र।
मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी और कर्मचारियों पर लोकायुक्त का शिकंजा लगातार कसा हुआ है। लेकिन रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजे मामले में लोकायुक्त उज्जैन ने मंदसौर के नगर परिषद के सीएमओ शोभाराम परमार को 5 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा है। परमार बिल के भुगतान के लिए किसान से रिश्वत की मांग कर रहे थे। किसान ने गर्मी के दिनों में अपने मोटर पंप के जरिए नगर परिषद को पानी सप्लाई किया था। इसी का बिल पास करवाने के लिए किसान चक्कर लगा रहा था। शुक्रवार को लोकायुक्त की टीम ने सीएमओ को उसके किराए के मकान ग्राम नगरी जिला मंदसौर मैं रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। लोकायुक्त टीम में निरीक्षक बसंत श्रीवास्तव, आरक्षक शिवकुमार शर्मा आरक्षक विशाल रेशमिया, आरक्षक अनिल अटोलिया, आरक्षक श्याम सुंदर शर्मा शामिल थे।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,शिकायतकर्ता मंदसाैर के दलोदा के रहने वाले कन्हैया लाल धाकड़ पुत्र पन्ना लाल धाकड़ ने 15 सितंबर काे लोकायुक्त उज्जैन काे शिकायत की थी। उसने एसपी शैलेन्द्र सिंह चौहान काे बताया था कि नगर परिषद नगरी द्वारा गर्मी में पानी की समस्या होने से विज्ञप्ति पानी सप्लाई को लेकर एक टेंडर जारी किया था। मार्च 2021 में मेरे नाम से टेंडर खुला, मुझे प्रतिदिन ट्यबवेल से पानी सप्लाई करने का पत्र दिया गया। परिषद ने हर दिन 4 घंटे पानी देने के एवज में 15 हज़ार रुपए हर महीना देने का एग्रीमेंट किया। मुझे फरवरी से जून तक का पेमेंट तो कर दिया गया। लेकिन जुलाई के 15 दिनों का बकाया पेमेंट रुपए 7500 भुगतान करने के लिए मुख्य नगरपालिका अधिकारी नगर परिषद नगरीय जिला मंदसौर शोभाराम परमार द्वारा 5 हज़ार रुपये रिश्वत लेते उसके किराए के मकान ग्राम नगरी जिला मंदसौर में उज्जैन लोकायुक्त ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
