बता दें कि देश की ट्रेनों में चढ़कर चोरी की वारदात करने वाले सांसी गिरोह का खुलासा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले जीआरपी टीआई (GRP TI) को अज्ञात व्यक्ति ने जान से मारने की धमकीभरी चिट्ठी भेजी है। ये चिट्ठी उनके घर पर फेंकी गई है। पुलिस इसकी जांच में जुट गई है।
ग्वालियर/मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश में गुंडे बदमाश व रेत माफिया बेलगाम होते जा रहें हैं। इनके हौसलें इतने बुलंद है कि पुलिस को निशाना बनाने से भी नही चूक रहें हैं। ऐसा ही एक मामला ग्वालियर से आया है जहाँ जीआरपी टीआई को निपटाने की धमकी दी गयी है जिसमें कहा गया है कि!!
तुमने हमारी गैंग पकड़ी है। सात दिन में तुम्हे निपटा देंगे। यह धमकी भरा पत्र जीआरपी टीआई के घर पर फेंका है। घटना विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के कैलाश विहार में टीआई के निवास की है। टीआई ने पुलिस थाने में शिकायत करने के साथ ही अपने वरिष्ठ अफसरों को भी इस बात की जानकारी दी है। यह धमकी टीआई जीआरपी अजीत चौहान के सांसी गैंग को पकड़ने के 48 घंटे के बाद मिली है।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,जीआरपी पुलिस ने ट्रेनों में यात्रियों के सामान की चोरी करने वाले सांसी गैंग के चार सदस्यों को दबोचा था और करीब 10 लाख का माल बरामद किया था। मामले का 48 घंटे पहले खुलासा हुआ था। इन चोरों को दबोचने व माल बरामद करने में जीआरपी टीआई अजीत चौहान का अहम रोल था और उन्हीं की मेहनत से गैंग दबोचा गया था। टीआई चौहान विश्वविद्याल थाना क्षेत्र के कैलाश विहार में रहते है। शनिवार सुबह चौहान के घर के पोर्च में एक कागज पड़ा हुआ था। चौहान के स्वजनों ने कागज को उठाया और उसे पढ़कर देखा तो उसमें लिखा था कि तुमने हमारी गैंग को पकड़ा है। हम सात दिन के अंदर तुम्हे निपटा देंगे। स्वजनों ने पत्र की जानकारी टीआई को दी तो वे घर पहुंचे और पत्र को देखा। इसके बाद उन्होंने धमकी वाले पत्र की जानकारी विश्वविद्यालय थाने को दी। साथ ही जीआरपी के वरिष्ठ अफसरों को भी घटना से अवगत कराया। विश्वविद्यालय पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच करना शुरू कर दिया है। इस मामले में जीआरपी टीआई अजीत सिंह चौहान का कहना है कि ऐसी धमकियों से डरने वाला नहीं हूं। जो भी होगा वो देखा जाएगा।
