बता दें कि मामला उपसंचालक पशुपालन विभाग का है,यहां पदस्थ बाबू राकेश यादव ने विभाग में कार्यरत कर्मचारी हरिसिंह रघुवंशी से उनके जीपीएफ खाते से राशि निकालने के एवज में 7000 रुपए रिश्वत मांगी थी।उन्होंने बात पक्की होने पर इसकी शिकायत लोकायुक्त से की थी।
अशोकनगर/मध्यप्रदेश।
लोकायुक्त पुलिस द्वारा सरकारी विभाग के भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ लगातार कार्यवाही की जा रही है। इसके बाद भी भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसा ही एक मामला गुरुवार को सामने आया है।जहां पशुपालन विभाग के एक बाबू को लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। दरअसल,उपसंचालक पशु चिकित्सा विभाग के सहायक ग्रेड 3 बाबू राकेश यादव को 6500 रूपये की रिश्वत लेते हुए ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपित के विरूद्ध भ्रष्टाचार अधिनियम 2018 में हुए संशोधनों की धारा 7 के अंतर्गत मामला दर्ज किया है।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,बगुल्या निवासी फरियादी हरिसिंह रघुवंशी के द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी जिसके बाद लोकायुक्त पुलिस द्वारा फरियादी को एक टैप रिकार्ड भी दिया गया था। जिसमें बाबू राकेश यादव द्वारा 7 हजार रूपये की मांग की गई थी और 6500 रूपये देना तय हुआ था। 8 अप्रैल को ग्वालियर में आकर यह शिकायत की थी तथा 9 अप्रैल को लेन-देन की बातचीत टैप की गयी थी।
जिसके बाद लोकायुक्त पुलिस की टीम गुरूवार को दोपहर 12.20 बजे अशोकनगर पहुंची और पशु चिकित्सालय के बाहर एक इलेक्ट्रिक की दुकान पर फरियादी ने बाबू को बुलाकर जैसे ही रूपये दिये वैसे ही बाबू ने लोकायुक्त की टीम को देखकर रूपये जमीन पर फैंक दिये। लोकायुक्त की टीम ने उक्त रूपये उठवाकर हाथ धुलाये तो पानी गुलाबी हो गया।
जीपीएफ की राशि निकालने के लिए मांगी थी रिश्वत
फरियादी का कहना था कि उसके द्वारा जीपीएफ फंड की राशि निकालने के लिए एक लाख रूपये का फार्म भरा गया था जिसमें 7 हजार रूपये की मांग बाबू के द्वारा की जा रही थी। जिसमें 70 हजार रूपये निकालने की बात की गयी थी। इसके पहले भी उन्होंने फार्म भरा था तब एक लाख रूपये का फार्म भरा गया था और 60 हजार रूपये की राशि बैंक खाते में आयी थी जबकि कागजों में 80 हजार रूपये की राशि निकलना बताई गयी है। 20 हजार रूपये कहां गये यह बात समझ नहीं आयी। इससे पहले भी जब-जब उन्होंने राशि निकाली तब तब बाबू के द्वारा हेराफेरी की गयी है। जिसके कारण उसे लोकायुक्त पुलिस का सहारा लेना पडा।
